BHDC-110 · December 2024 · हिन्दी

IGNOU BHDC-110 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDC-110

Structured previous year question paper for BHDC-110, December 2024 session (Hindi medium).

Questions: 8

Verified: 10 Aug 2026

कुल मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 BHDC-110

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर , 2024

बी. एच. डी. सी.-110 : हिन्दी कहानी

समय / 3 घण्टे अधिकवम अक : 100

नोट : कुल प्राँक्ष प्रश्नों के उत्तर दीजिये। प्रथम प्रश्न

अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर

दीजिये।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्‍्हीं व्रीन की सप्रसंग व्याख्या कीजिये : 12x3=36

(क) तुम्हें याद है, एक दिन ताँगेवाले का घोड़ा दही वाले की दुकान के पास बिगड़ गया था। तुमने उस दिन मेरे प्राण बचाए थे। आप घोडों की लातों में चले गए थे और मुझे उठाकर दुकान के तख्ते पर खड़ा कर दिया था। ऐसे ही इन दोनों को बचाना, यह मेरी भिक्षा है। तुम्हारे आगे मैं आँचल पसारती हूँ।

(ख) न जाने कितनी बाकी है, जो किसी तरह चुकने ही नहीं आती। मैं कहती हूँ तुम क्‍यों नहीं खेती छोड़ देते ? मर-मर काम करो, उपज हो तो बाकी दे दो, चलो छुट्टी हुई। बाकी चुकाने के लिए ही तो हमारा जनम हुआ है। पेट के लिए मजूरी करो। ऐसी खेती से बाज आए।

(ग) “अब घोड़े का नाम न लो। मैं तुमसे इस विषय में कुछ न कहूँगा। मेरी प्रार्थना केवल यह है कि इस घटना को किसी के सामने प्रकट न करना।” खड़गसिंह का मुँह आश्चर्य से खुला रह गया। उसका विचार था कि उसे घोड़े को लेकर यहाँ से भागना पड़ेगा, परन्तु बाबा भारती ने स्वयं उसे कहा कि इस घटना को किसी के सामने प्रकट न करना। इससे क्‍या प्रयोजन सिद्ध हो सकता है ?

(a) सिद्धेश्वी की पहले हिम्मत नहीं हुई कि उसके पास आए और वहीं से वह भयभीत हिरनी की भाँति सिर उचका-घुमाकर बेटे को व्यग्रता से निहारती रही। किन्तु लगभग दस मिनट बीतने के पश्चात्‌ भी रामचंद्र नहीं उठा, तो वह घबरा गई। पास जाकर पुकारा-बड़कू ! बड़कू ! लेकिन उसके कुछ उत्तर न देने पर डर गई और लड़के की नाक के पास हाथ रख दिया। साँस ठीक से चल रही थी। फिर सिर पर हाथ रखकर देखा, बुखार नहीं था। हाथ के स्पर्श से रामचंद्र ने आँखें

(छ) मैं पुरखों के इस बड़े घर की रानी और यह मेरे ही अन्न पर पले aoe नहीं, यह सब कुछ नहीं। ठीक है देर हो रही है पर नहीं, शाहनी रो-रोकर नहीं, शान से निकलेगी इस पुरखों के घर से, मान से लाघेंगी यह देहरी, जिस पर एक दिन वह रानी बनकर आ खड़ी हुई थी।

Q2.“सिक्का बदल गया' कहानी में शेश और दाऊद खान की चारित्रिक विशेषताएँ बताइए।

Q3.‘UR कहानी के आधार पर महानगरीय जीवन में अकेलेपन की समस्या की चर्चा कीजिए।

Q4.“तीसरी कसम” कहानी की संवाद-योजना पर प्रकाश डालिए।

Q5.“पाजेब' कहानी में चित्रित बाल मनोविज्ञान की सोदाहरण विवेचना कीजिए।

Q6.“हार की जीत” कहानी से हमें क्‍या संदेश मिलता है ? स्पष्ट कीजिए।

Q7.“पूस की रात” कहानी के शीर्षक की सार्थकता को स्पष्ट कीजिए।

Q8.“उसने कहा था” कहानी का क्या उद्देश्य है ? कहानी के आधार पर इसका निहितार्थ स्पष्ट कीजिए।