BHDC-110 · December 2023 · हिन्दी

IGNOU BHDC-110 December 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDC-110

Structured previous year question paper for BHDC-110, December 2023 session (Hindi medium).

Questions: 8

Verified: 10 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BHDC-110

बी. ए. ( ऑनर्स ) हिन्दी (बी. ए. एच. डी. एच. )

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2023

बी.एच.डी.सी.-110 : हिन्दी कहानी

समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100

नोट : कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रथम प्रश्न

अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर

दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्‍्हीं तीन की सप्रसंग व्याख्या कीजिए ; 12X3=36

(क)चार दिन तक पलक नहीं झूँपीं। बिना फेरे घोड़ा बिगड़ता है और बिना लड़े सिपाही। मुझे तो संगीन चढ़ाकर मार्च का हुक्म मिल जाए। फिर सात जर्मनों को अकेला मारकर न लौट, तो मुझे दरबार साहब की देहली पर मत्था टेकना नसीब न हो।

(ख)जब किसी तरह न रहा गया तो उसने जबरा को धीरे से उठाया और उसके सिर को थपथपाकर उसे अपनी गोद में सुला लिया। कुत्ते की देह से न जाने कैसी दुर्गध आ रही थी, पर वह उसे अपनी गोद में चिपटाए हुए ऐसे सुख का अनुभव कर रहा था, जो इधर महीनों से उसे न मिला था। जबरा शायद यह समझ रहा था कि स्वर्ग यही है, और हलक की पवित्र आत्मा में तो उस कात्ते के प्रति घृणा की गंध तक न थी।

(ग) सिद्धेश्वी की पहले हिम्मत नहीं हुई कि उसके पास जाए और वह वहीं से भयभीत हिरनी की भाँति सिर उचका-घुमाकर बेटे को व्यग्रता से निहारती रही, किन्तु लगभग दस मिनट बीतने के पश्चात्‌ भी जब रामचन्द्र नहीं उठा तो वह घबरा गई। पास जाकर पुकारा, “बड़कू, बड़कू”। लेकिन उसके कुछ उत्तर न देने पर डर गई और लड़के की नाक के पास हाथ रख दिया। साँस ठीक से चल रही थी।

(घ) ह्यूबर्ट का चेहरा प्रसन्‍नता से दमकने लगा। उसने लतिका को ध्यान से देखा। वह अपने दिल का संशय मिटाने के लिए निश्चित हो जाना चाहता था कि कहीं लतिका उसे केवल दिलासा देने के लिए ही तो झूठ नहीं बोल रही। “यही तो मैं सोच रहा था, मिस लतिका ! डॉक्टर की सलाह सुनकर तो मैं डर ही गया। भला छः: महीने की छुट्टी लेकर मैं अकेला क्या करूँगा ?” (ड) मैं परखों के इस बड़े घर की रानी और यह मेरे ही अन्न पर पले हुए नहीं, यह सब कुछ नहीं। ठीक है, देर हो रही है पर नहीं, शाहनी रो-रोकर नहीं, शाम से निकलेगी। इस परखों के घर से, मान से लांघेगी। यह देहरी, जिस पर एक दिन वह रानी बनकर आ खड़ी हुई थी।

Q2.नयी कहानी आन्दोलन का उदय किस काल में हुआ और इसको प्रमुख विशेषताएँ कौन-सी हैं ?

Q3.“पूस की रात” कहानी के शीर्षक की सार्थकता सिद्ध कीजिए।

Q4.खड़गसिंह एवं बाबा भारती के चरित्र के सामाजिक पक्ष को उजागर कीजिए।

Q5.“परिंदे' कहानी के शीर्षक की सार्थकता लिखिए।

Q6.“दोपहर का भोजन' कहानी में व्यक्त निम्न मध्य वर्ग की समस्याओं का चित्रण कौजिए।

Q7.भाषाशैली के आधार पर “सिक्का बदल गया! कहानी की विवेचना कीजिए।

Q8.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) लहना सिंह

(ख) हिरामन

(ग) लतिका

(घ) सिद्धेश्वरी