MHD-15 · June 2014 · हिन्दी

IGNOU MHD-15 June 2014 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिन्दी उपन्यास-2 (Hindi Novel-2)

Structured previous year question paper for MHD-15, June 2014 session (Hindi medium).

Questions: 6

Verified: 26 Jul 2026

हिन्दी में स्नातकोतर उपाधि

सत्रांत परीक्षा

जून, 2014

एम.एच.डी-15 : हिन्दी उपान्यास-ना

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

नोट : प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष प्रश्नों मे से किन्‍्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दें।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्‍्हीं दो की संदर्भ एवं 1052520 प्रसंग सहित व्याख्या कीजिए :

(क) दौलू मामा, तुम लाहौर की कितनी गलियों के कितनें बच्चों के मामा थे। तुम उम्र भर रोजाना सैकड़ों बच्चों को हँसा-हँसा कर आज उन्हें फूट-फूट कर रोते छोड़ गये हो। इन भोले बच्चों का खिलौना किस जालिम ने छीन लिया? मामा किसका दुश्मन था? मामा न यूनियनिस्ट मंत्रिमंडल से मतलब रखता था, न लीग की वज़ारत से। वह तो मानव था, केवल निरीह मानव। उसका खून मानवता का खून है। मानवता के खून की इस प्यास को कौन भड़का रहा है?

(ख) जब नौशेरवाँ का आखिरी वक्‍त आया तब उसने अपने बेटे हुरमुज से कहा, बेटा, दिल से फकीरों-दरवेशों की हिफाजत कर। अपने आराम की फिक्र न रख। कोई भी अक्लमंद यह पसंद न करेगा कि चरवाहा पड़ा सोता हो और भेड़िया उसके गोल में रहे। होशियारी से दरवेशों--मुहताजों का ख्याल रख । इसलिए कि रियाया की बदौलत ही बादशाह ताजदार होता है। ऐ मेरे प्यारे बेटे, जहाँ तक बन सके, रियाया का दिल मत दुखाना और अगर तू ऐसा करेगा तो अपनी जड़ खोदेगा?

(ग) अगर काफी फुरसत हो, पूरा घर अपने अधिकर में हो चार मित्र बैठे हों, तो निश्चित है कि धुम-फिरकर वार्ता ज़्जनीति पर आ टिकेगी और जब राजनीति में दिलचस्पी खत्म होने लगेगी तो गोष्ठी की वार्ता Sa [...] (this portion is being re-verified) टिकेगी। कम से कम मध्य वर्ग में तो इन दो विषयों के अलावा तीसरा विषय नहीं होता। माणिक मुल्ला का दखल जितना राजनीति में था उतना ही प्रेम में था, लेकिन जहाँ तक साहित्यिक वार्ता का प्रश्न था वे प्रेम को तरजीई दिया करते

(घ) यदि तुम्हारे हाथ में शक्ति है तो उसका उपयोग प्रत्यक्ष रूप से उस शक्ति को बढ़ाने के लिए न करो। उसके द्वारा कुछ नयी और विरोधी शक्तियाँ पैदा करो और उन्हें इतनी मजबूती दे दो कि वे आपस में एक-दूसरे से संघर्ष करती रहें। इस प्रकार तुम्हारी शक्ति सुरक्षित और सर्वोपरि रहेगी। यदि तुम केवल अपनी शक्ति के विकास की ही चेष्टा करते रहे और दूसरी परस्पर विरोधी शक्तियों की सृष्टि, स्थिति और संहारक के नियंत्रक नहीं बने तो कुछ दिनों बाद कुछ शक्तियाँ किसी अज्ञात अप्रत्याशित कोण से उभरकर तुम पर हमला करेंगी और तुम्हारी शक्ति छिन्‍न-भिन्‍न कर देगी

Q2... 'झुठा-सच' में अभिव्यक्त लेखकीय दृष्टिकोण का विवेचन 10 कीजिए।

Q3.क्‍या 'जिन्दगीनामा' उपन्यास को शिल्प की दृष्टि से 10 आंचलिक उपन्यास कहा जा सकता है? उपयुक्त तर्कों द्वारा अपना मत प्रस्तुत कीजिए।

Q4.'सूरज का सातवाँ घोड़ा" उपन्यास के केंद्रीय चरित्र 10 माणिक मुल्ला का चरित्र -चित्रण कीजिए।

Q5.“राग-दरबारी' स्वातन्त्र्योत्त भारत की राजनीतिक और 10 सामाजिक व्यवस्था की विसंगतियों को व्यंग्यात्मक और विडंबानात्मक रूप में प्रस्तुत करता है।! इस कथन की समीक्षा कीजिए |

Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए : 5x2=10

(क) 'जिंदगीनामा' शीर्षक की सार्थकता

(ख) 'झूठा-सच' और विभाजन का सच

(ग) 'राग दरबारी' की भाषा

(घ) सूरज का सातवाँ घोड़ा' में मध्यवर्गीय जीवन