MHD-15 · December 2025 · हिन्दी

IGNOU MHD-15 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिन्दी उपन्यास-2 (Hindi Novel-2)

Structured previous year question paper for MHD-15, December 2025 session (Hindi medium).

Questions: 6

Verified: 26 Jul 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 MHD-15

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम. ए. हिन्दी)

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2025

एम.एच.डी.-15 : हिन्दी उपन्यास-ता

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

नोट:

(0) प्रथम प्रश्न अनिवार्य है।

(४४) शैष में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20

(क) जमींदार बेचारे वृद्ध हो चुके थे और उन्हें बहुत कष्ट था, वारिस भी हो चुका था। अत: भगवान ने उन्हें अपने दरबार में बुला लिया। जमुना पति के बिछोह में धाड़ें मार-मारकर रोयी, चूड़ी-कंगन फोड़ डाले, खाना-पीना छोड़ दिया। अन्त में पड़ोसियों ने समझाया कि छोटा बच्चा है, उसका मुँह देखना चाहिए। जो होना था सो हो गया। काल बली है। उस पर किसका बस चलता है। पड़ोसियों के बहुत समझाने पर जमुना ने आँसू पोंछे। घर-बार सँभाला। इतनी बड़ी कोठी थी, अकेले रहना, एक विधवा महिला के लिए अनुचित था, अत: उसने रामधन को एक कोठरी दी और पवित्रता से जीवन व्यतीत करने लगी।

(ख) भई, जिसकी मैजोरिटी है, उसकी मिनिस्ट्री बनने दो। देखो तो वे कैसे सँभालते हैं? गवर्नर को यह कहने का क्या हक है कि मिनिस्ट्री में कौन हो और कौन न हो! तुम हिन्दुस्तान को अब नहीं सँभाल सकते तो दफा हो जाओ! तुमने बाँटकर जाने की जिम्मेदारी क्यों ले ली है। छोड़ो हिन्दुस्तानियों पर। उन्हें जैसे बाँटना होगा, खुद कर लेंगे। खिजर से इस्तीफा दिलाने की क्‍या जरूरत थी? यूनियनिस्ट मिनिस्ट्री नागरिक शांति की रक्षा नहीं कर पाती थी। तीन महीने से उससे कहीं बुरी हालत है, रोज बिगड़ रही है।

(ग) हिन्दुस्तान में पढ़े-लिखे लोग कभी-कभी एक बीमारी के शिकार हो जाते हैं। उसका नाम “क्राइसिस ऑफ कांशस' है। कुछ डाक्टर उसी में 'क्राइसिस ऑफ केथ' नाम की एक दूसरी बीमारी भी बारीकी से ढूँढ़ निकालते हैं। यह बीमारी पढ़े-लिखे लोगों में आम तौर से उन्हीं को सताती है जो अपने को बुद्धिजीवी कहते हैं और जो वास्तव में बुद्धि के सहारे नहीं, बल्कि आहार-निद्रा-भय-मैथुन के सहारे जीवित रहते हैं (क्योंकि अकेली बुद्धि के सहारे जीना एक नामुमकिन

(घ) कुदरते-खुदाबंदी का यकीन दिलाने के लिए मूसा ने बड़े-बड़े मोजज़े दिखाए। आसमानों को कैसा बुलंद और बाआब बनाया। सूरज के जरिए रात और दिन की तारीकी और रोशनी का इंतजाम किया। सतह जमीन को बिछाकर इस पर पहाड़ कायम किए। आसमान से पानी बरसाया और जमीन से सब्जा उगाया। सतह जमीन की अगर एक वसीह फर्श से मिसाल दी जाए तो इस पर पहाड़ों को ऐसा समझा जाएगा कि गोया 'फर्श को अपनी जगह रखने के लिए मेखें गाड़ दी हों।

Q2.विभाजन पर लिखे गए हिन्दी के अन्य उपन्यासों में *झूठा-सच' का महत्व निरूपित कीजिए।

Q3.“जिन्दगीनामा' उपन्यास में अभिगृही कथा-युक्तियों से रचित उसके कथा शिल्प की व्याख्या कीजिए ।

Q4.“सूरज का सातवाँ घोड़ा' की चरित्र-सृष्टि के पीछे निहित लेखकीय दृष्टि का उद्घाटन कीजिए।

Q5.“राग दरबारी' में चित्रित यथार्थ की परिपुष्टि में व्यंग्य शैली के योगदान पर विचार कौजिए।

Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) “राग दरबारी ' में रचनाकार की मूल्य-दृष्टि

(ख) स्त्री-पुरुष सम्बन्ध और “सूरज का सातवाँ घोड़ा'

(ग) “जिन्दगीनामा' की अन्तर्वस्तु

(घ) 'झूठा-सच' में जनजीवन का अंकन