MHD-2 · December 2014 · हिन्दी
IGNOU MHD-2 December 2014 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
आधुनिक हिंदी काव्य (Modern Hindi Poetry)
Structured previous year question paper for MHD-2, December 2014 session (Hindi medium).
Questions: 5
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)
08215 सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2014
एम .एच.डी.-2 : आधुनिक हिन्दी काव्य
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
me: [...] (this portion is being re-verified) अनिवार्य हैं /
Q1.निम्नलिखित में से किन्हीं तीन काव्यांशों की व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) उसे बहुत थी विरह के एक दण्ड की चोट, धन्य सखी देती रही निज यत्नों की ओट । मिलाप था दूर अभी धनी का, विलाप ही था बस का बनी का । अपूर्व आलाप वही हमारा, यथा विपंची -दिर दार दारा ! सींचें ही बस मालिनें, कलश लें, कोई न ले कर्त्तरी, शाखी फूल फलें यथेच्छ बढ़के, फैलें लताएँ हरी । क्रीड़ा-कानन-शैल यन्त्र-जल से संसिक्त होता रहे, मेरे जीवन का, चलो सखि, वहीं सोता भिगोता बहे !
(ख) प्रथम रश्मि का आना रंगिणि ! तूने कैसे पहचाना ? पाया तूने यह गाना ? सोई थी तू स्वप्न - नीड़ में पंखों के सुख में छिपकर, ऊँघ रहे थे, घूम द्वार पर प्रहरी से जुगनू नाना; शशि-किरणों से उतर-उतरकर, भू पर कामरूप नभचर चूम नवल कलियों को मृदु मुख सिखा रहे थे मुसकाना । तनिक और सट कर, कि हमारे बीच स्नेह-भर का व्यवधान रहे, बस, नहीं दरारें सभ्य शिष्ट जीवन की । चाहे बोलो, चाहे धीरे-धीरे बोलो, स्वगत गुनगुनाओ, चाहे चुप रह जाओ - हो प्रकृतस्थ : तनो मत कटी-छँटी उस बाड़ सरीखी, नमो, खुल खिलो, सहज मिलो अन्तःस्मित, अन्त:संयत हरी घास-सी ।
(घ) बहुत काली सिल ज़रा से लाल केसर से कि जैसे धुल गयी हो सस्लेट पर या लाल खड़िया चाक मल दी हो किसी ने नील जल में या किसी की गौर झिलमिल देह जैसे हिल रही हो । और... जादू टूटता है इस उषा का अब सूर्योदय हो रहा है । (ड) निकल गली से तब हत्यारा आया उसने नाम पुकारा हाथ तौलकर चाक़ू मारा छूटा लोहू का फ़व्वारा कहा नहीं था उसने आख़िर उसकी हत्या होगी भीड़ ठेलकर लौट गया वह मरा पड़ा है रामदास यह देखो-देखो बार-बार कह लोग निडर उस जगह खड़े रह लगे बुलाने उन्हें जिन्हें संशय था हत्या होगी
Q2.भारतेंदु के काव्य की अन्तर्वस्तु स्पष्ट कीजिए । 16 अथवा निराला-काव्य में स्वच्छंदतावादी और यथार्थवादी प्रवृत्तियों का विश्लेषण कीजिए ।
Q3.उर्वशी में व्यक्त दिनकर के विचारों को स्पष्ट कीजिए । 76 अथवा मुक्तिबोध के काव्य-शिल्प का विवेचन कीजिए ।
Q4.शमशेर की सौन्दर्यानुभूति का विवेचन कीजिए । 16 अथवा “असाध्य वीणा' का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए ।
Q5.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :. 9986-76
(क) धूमिल की काव्य-भंगिमा
(ख) नागार्जुन की काव्य-चेतना
(ग) श्रीकान्त वर्मा के काव्य में मोहभंग
(घ) प्रसाद की काव्य-भाषा