MHD-2 · December 2013 · हिन्दी
IGNOU MHD-2 December 2013 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
आधुनिक हिंदी काव्य (Modern Hindi Poetry)
Structured previous year question paper for MHD-2, December 2013 session (Hindi medium).
Questions: 5 · Sections: 1
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम.ए. हिन्दी )
oO सत्रांत परीक्षा
& दिसम्बर, 2013
एम.एच.डी.-2 : आधुनिक हिन्दी काव्य
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक ८ 100
Q1.निम्नलिखित में से किन्हीं तीन काव्यांशों की व्याख्या कीजिए :
(क) प्रथम रश्मि का आना रंगिणि! 12x3=36 तूने कैसे पहचाना ? पाया तूने यह गाना ? सोई थी तू स्वप्न-नीड़ में पंखों के सुख में छिपकर ऊँघ रहे थे, घूम द्वार पर प्रहरी से जुगनू नाना; शशि-किरणों से उतर-उतरकर, भू पर कामरूप नभचर चूम नवल कलियों को मृदु मुख सिखा रहे थे मुसकाना; स्नेह हीन तारों के दीपक, श्वास-शून्य थे तरु के पात, विचर रहे थे स्वप्न अवनि में, तम ने था मंडप ताना, कूक उठी सहसा तरुवासिनी ! गा तू स्वागत का गाना, किसने तुझको अंतर्यामिनी ! बतलाया उसका आना ?
(ख) आह! मुझे ढहा दो ताकि इन प्रवाहों में मैं अनन्त बहता जाऊँ और अगर अढकूँ तो पानी में डूबे मन्दिर की शोभा बनूँ। अब मुझे ढहा दो और नये पुल रचो, जो बूढ़े होने तक
भाग रही नदियों से
नदी रुक जाओ,
वापिस आ जाओ,
और अट्टहास करें; रातों को चौंकें।
आह! मुझे ढहा दो।
मैं हूँ इस नदिया का बूढ़ा पूल।
कब तक अपनी जड़ता बोहूँ
मुझको भी यात्रा में परिणत कर दो।
(ग) मेरे क्रंदन में बजती
क्या वीणा, जो सुनते हो
धागों से इन आँसू के
निज करुणापट बुनते हो।
रो रोकर सिसक सिसक कर
कहता मैं करुण कहानी
तुम सुमन नोचते सुनते
करते जानी अनजानी।
मैं बल खाता जाता था
मोहित बेसुध बलिहारी
अन्तर के तार खिंचे थे
तीखी थी तान हमारी
झंझा झकोर गर्जन था
बिजली थी, नीरदमाला
पा कर इस शून्य हृदय की
सब ने आ डेरा डाला।
(घ) हरी बिछली घास।
दोलती कलगी छरहरी बाजरे की।
अगर मैं तुम को ललाती साँझ के नभ की अकेली तारिका
अब नहीं कहता,
या शरद के भोर की नीहार-नहायी कुँई,
टटकी कली चप्पे की, वगैरह, तो
नहीं कारण कि मेरा हृदय उथला या सूना है
या कि मेरा प्यार मैला है।
बल्कि केवल यही : ये उपमान मैले हो गये हैं।
देवता इन प्रतीकों के कर गये हैं कूच।
Q2.भारतेंदु हरिश्चंद्र की कविताओं की प्रमुख विशेषताएँ बताइए॥. 16 अथवा मैथिलीशरण गुप्त के काव्य-चेतना के विकास पर प्रकाश डालिए।
Q3.छायावादी काब्य में राष्ट्रीय चेतना की अंतर्धारा की पहचान 16 कीजिए। अथवा सुमित्रानंदन पंत के काव्य सौष्टव की समीक्षा कीजिए।
Q4.छायावाद के प्रतिनिधि कवि के रूप में जयशंकर प्रसाद के काव्य 16 की समीक्षा कीजिए। अथवा प्रेम और सौंदर्य के कवि के रूप में दिनकर का मूल्यांकन कीजिए।
Q5.साठेत्तरी हिंदी कविता में धूमिल का स्थान निर्धारित कीजिए।._ 16 अथवा रघुबीर सहाय की कविताओं की विशेषताएँ बताइए ।