MHD-12 · June 2022 · हिन्दी

IGNOU MHD-12 June 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

भारतीय कहानी (Indian Story)

Structured previous year question paper for MHD-12, June 2022 session (Hindi medium).

Questions: 7

Verified: 26 Jul 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 MHD-12

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम. ए. हिन्दी )

सत्रांत परीक्षा

जून, 2022

एम.एच.डी.-12 : भारतीय कहानी

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

के उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए ; 2x10=20

(क)दीदी अप्पू से नाराज नहीं होती। रात को सटकर लेटते समय दीदी ने बहुत कुछ कहा। कोई कहानी तो नहीं। कहानी सुनना ही अप्पू को पसन्द है। दीदी को कई कहानियाँ आती हैं। रत्न ढूँढ निकालने वाले राजकुमार की कहानी। उसको सुनने के बाद ही रत्न मिलने पर उसे छिपाने की तरकौब उसे सूझ पड़ी। रत्न को गोबर से ढँका जाय तो उसकी चमक बाहर दिखाई नहीं पड़ती। फिर पत्थर बन जान वाली राजकुमारी की कहानी। जिन्दा करने के लिए बच्चे की बलि चढ़ाकर पत्थर पर खून डालने की बात सुनकर उसे रोना आया।

(ख)बेटे का कान के परदे फाड़ने वाला विकराल क्रन्दन सुन कर बूढ़ा रोने लगा। काँपने लगा। उस की ओर दीन नजरों से देखने लगा और पिता के आँसू आर शरीर में होने वाले कंपन को देखकर जयचन्द नीचे बैठ गया। उनकी छाती मलने लगा। आँखें पोछने लगा और उसकी स्वच्छ, सुकुमार उँगलियों का प्रेम देखकर बूढ़े ने उसका सिर छाती पर खींच लिया। उसे सहलाने लगा और पिछले चार-पाँच सालों से घर में होकर भी मानसिक दृष्टि से एकाकी हो चुका जय पितृ-प्रेम का सुख लेते हुए उसी तरह छाती पर सिर झुकाए बैठा रहा।

(ग) कोशिश करके अविनाश आँखें खोल सकते थे। आँखों की पलकों पर पक्षाघात का असर नहीं हुआ था। मगर उन्होंने आँखें नहीं खोलीं। वे उस व्याकुल पुकार का सुख लने लगे। सुनते हो, बोलो न क्या तकलीफ है ? इस पुकार में शैलबाला का स्नेहिल स्पर्श था। वे उसे महसूस करते रहे। हालाँकि यह सुख उन्हें देर तक नहीं मिल पाया। दोनों बेटे आ गये। आँखें बंद किए-किए. अविनाश देख पा रहे थे कि एक ने सिल्क की लुंगी पहन रखी है ओर दूसरे ने नाइट सूट।

(घ) पागलों का बहुमत इस तबादले के हक में नहीं था, इसलिए कि उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि उन्हें अपनी जगह से उखाड़कर कहाँ फेंका जा रहा है; वह चंद पागल जो कुछ सोच-समझ सकते थे, “पाकिस्तान जिंदाबाद' और “पाकिस्तान मुर्दाबाद' के नार लगा रहे थे, दो-तीन बार फसाद होते-होते बचा, क्‍योंकि बाज मुसलमानों और सिखों को यह नारे सुनकर तैश आ गया था। जब विशन सिंह की बारी आई और बागह के उस पार का सम्बन्धित अफसर उसका नाम रजिस्टर में दर्ज करने लगा तो पाकिस्तान में या हिन्दुस्तान में “न

Q2.मलयालम कहानी के विकास में एम. टी. वासुदेवन नायर की भूमिका पर विचार कौजिए।

Q3.“बघई' कहानी की मूल संवेदना को स्पष्ट कौजिए।

Q4.“दूजौ कबीर' की संवेदना पर विचार करते हुए विजयदान देथा के योगदान का रेखांकित कीजिए।

Q5.“पाँच पत्र' कहानी का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।

Q6.“विद्रोह” कहानी में निहित दलित चेतना का मूल्यांकन कौजिए।

Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) तमिल कथाकार डी. जयकान्तन

(ख) अपना-अपना कर्ज की 'मूर्ति!

(ग) कथाकार दीनानाथ नादिम

(घ) कोंकणी रचनाकार “मीना काकोडकर'