MHD-12 · December 2023 · हिन्दी

IGNOU MHD-12 December 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

भारतीय कहानी (Indian Story)

Structured previous year question paper for MHD-12, December 2023 session (Hindi medium).

Questions: 7 · Sections: 1

Verified: 26 Jul 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 MHD-12

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम. ए. हिन्दी )

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2023

एम.एच.डी.-12 : भारतीय कहानी

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक ; 50

नोट : प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं तीन

प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्‍्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20

(क) डॉक्टर ने कहा था "तुम्हें शादी नहीं करनी चाहिए। अव्वल तो ऐसी इच्छा उठेगी ही नहीं, फिर भो दूसरों के दबाव में आकर कहीं शादी न कर लेना।' उसके बाद उसके कान ने कुछ नहीं सुना। विनायक फिर से काम पर लग गया। अंधेरी गुफा सरीखे छापाखाने में घुसकर उसन ट्रेडिल देखी। केस देखा और स्टिक देखा - जिनसे उसका एक महीने का वियोग हो गया था। पता नहीं, क्या सूझ गया उसे उसन ट्रेडिल को गले लगाकर लम्बी साँस भरी।

(ख) लेकिन पता नहीं कैसे क्‍या हुआ था कि लेडेंग घाटी के भीतर जीवित आदमियों की स्मृति में बाघ का उत्पात दर्ज नहीं था, गोकि लेडेंग पार करने पर जंगल के भीतर के दूसरे गाँव में ऐसी स्मृतियाँ थीं। कैसे बचा रहा लेडेंग ? इतनी जगहों पर अशांति, आतंक और विभीषिका, फिर लेडेंग को निजात कैसे मिली थी इन सबस? धनु पंडित से पूछो तो वे चकित कर देने वाली मंद मुस्कान भरते हुए कहेंगे, “लेडेंग पुण्य भूमि है, लेडेंग की माटी पवित्र हे।”

(ग) शांति ने शर्म से गर्दन झुका ली। जवान होने के बाद आज वह पहली बार उससे बोला था। उसके शरीर को छुआ था, इसलिए वह खुश हो गयी थी। उसके प्रति मन में पैदा हुई चिढ़ कम हो गयी थी, लेकिन उसके मन में उथल-पुथल मची हुई थी। नितांत निराश आवाज में वह बोलने लगा “कसी है यह संस्कृति ? जहाँ बेटा माँ को भंगी-काम करने पर तुच्छ समझता है! द्वेष करता है, उसके हाथ का अन्न खाने से झिझकता है। इस संस्कृति न अस्पृश्यता पैदा नहीं की होती तो मैं अपनी बूढ़ी माँ को प्रचंड पीड़ा देने वाला दैत्य नहीं बना होता।

(घ) इंसानों के जमघट में फकत इंसान नाम की कमी है। इस पुतले से मिलकर तो खुद मौत भी अपना

भाग्य सराहेगी। ऐसी मौत पर तो लाखों जीवन

न्यौछावर। मारने से तो ज्यादा राजा का भी वश

नहीं है। फिर मरने का डर न होने पर कैसी

जोखिम ? कैसी हिचकिचाहट ? मरना निश्चित हे,

तब भी तमाम लोग मरने से डरते हैं। और एक यह

ats, जिसे अपनी सच्चाई के सिवाय दूसरा

किसी तरह का बोध ही नहीं। सलावे भरती बिजली

की चमक की नाई ऐसा ही कुछ मर्म राजकुमारी

के नयनों में कौंधकर ओझल हो गया।

Q2.“पाँच-पत्र' कहानी को मूल-संवेदना पर विचार कीजिए।

Q3.“अपने लिए शोक गीत' कहानी में व्यक्त अकेलेपन की पीड़ा को विश्लेषित कौजिए।

Q4.“तोबा टेक सिंह' कहानी की संवेदना और शिल्प पर प्रकाश डालिए।

Q5.“ओडरे चुरुगन मेरे” कहानी में माँ के हृदय की पीड़ा को स्वर दिया है, स्पष्ट कीजिए।

Q6.“पंजाबी' कहानी में अमृता प्रीतम का स्थान निर्धारित कीजिए।

Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) “प्राणधारा' की संवेदना

(ख) “एक अविस्मरणीय यात्रा' की केन्द्रीय समस्या

(ग) डी. जयकान्तन

(घ) रघुवीर चौधरी