MHD-12 · December 2022 · हिन्दी
IGNOU MHD-12 December 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
भारतीय कहानी (Indian Story)
Structured previous year question paper for MHD-12, December 2022 session (Hindi medium).
Questions: 7
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2022
एम. एच. डी.-12 : भारतीय कहानी
समय : 2 घण्टे अधिकतम अक : 50
नोट / प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किनन््हीं तीन
प्रश्नों को उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20
(क) इन विचारों से आलोडित अपने मन को मैंने काफी हद तक वश में किया और सोचने लगा कि मुसीबत से कैसे पार होऊँ। गुस्सा दिखाने से कोई लाभ नहीं होगा। डर लगा कि इससे कोई प्रमाद न हो जाए। सोचा कि इसे किसी उपाय से धीरे से बाहर कर देना चाहिए। पर उपाय क्या हो ? बात कैसे शुरू करूँ। अथवा चुपचाप मुँह लपेटकर पड़ जाऊँ। इसी सोच में पड़ा रहा। इससे कोई बात नहीं बनेगी। जब तक यह यहाँ रहेगी, तब तक मेरी छाती पर एक चट्टान सरीखी रहेगी। एक और विचार आया। यही ठीक है। मैंने सोचा किसी रूप में उसके मन में यह बात बैठा देनी चाहिए कि वह जो काम करने जा रही है, वह बहुत खराब है-नीच है, पाप से भरा है। मुझे यह सोचकर हँसी आई कि भगवान ने एक शहरी को एक गाँव की लड़की को पतिक्रत धर्म का उपदेश देने का अवसर दिया।
(ख)'सांसारिक जीवन को सुखमय बनाने के लिए एक जीवन-साथी का होना बहुत आवश्यक है।' इस वाक्य में सुखमय शब्द के “सु! के स्थान पर “दु! छप गया था-'सांसारिक जीवन को दुखमय बनाने [...] (this portion is being re-verified) ’ [...] (this portion is being re-verified) ster भी विचित होती है। मुदालियर को सहसा अपनी “हैसियत' का ज्ञान हो आया। किसी मजदूर के साथ समान रूप से खडे होकर “हास्य” का आस्वादन करना किसी मालिक को शोभा देता है ? उनकी “प्रतिष्ठा' ने सिर उठा लिया।
(ग) जंगल में बाघ का गरजना कोई नई बात नहीं, सूरज के पूरब में उगने जैसा नित्य रोज का मामला है। उस वन प्रदेश में किसी गाँव या घाटी या पहाड़ में बाघ के द्वारा गाय खा जाना भी एक जानी सुनी बात है। सृष्टि के आरम्भ से ही इतिहास में बार-बार हत्या, विभीषिका, लूटपाट, अत्याचार, हिंसा, दूसरे पर अत्याचार और शोषण भी हमेशा से होते रहे हैं। उसका विरोध करने कितने धर्म और धर्मप्रचाकक आए हैं और शून्य में बिला गए Zz कई बार सतयुग की ऊषा उगती-सी लगी है, आकाश में रक्त के छींटे लगे हैं, भोर के लाल रंग की तरह।
(घ) रास रमते गरबी का अंतरा उठाती हुई जो आवाज सारे चौगान में और मन्दिर के शिखर तक छा जाती थी, वह आवाज एकदम धुँधली भला कैसे हो सकती है। इसलिए तो उस आवाज को सुनकर सब चौंक उठे थे। सारे गाँव को उल्टा-सीधा कहने वाले पंच उस दिन मीठी सलाह देने गए थे, फिर भी वे जीवण से आँखें नहीं मिला पा रहे थे। उसने सबको खरी-खोटी सुना दी। क्या बात लेकर आए हैं। क्या समझते हैं सब लोग मुझे? और सब लोग मुँह नीचा करके चले गए थे। जीवण अपने घर की दहलीज पर अकेला खड़ा रह गया था। अपने घर से किसी को चले जाने के लिए कहने की घटना उसके जीवन में पहली बार घटी थी।
Q2.कालीपट्नम रामाराव की पठित कहानी के आधार पर उनकी सामाजिक दृष्टि का मूल्यांकन कीजिए।
Q3.“एक अविस्मरणीय यात्रा' कहानी का मंतव्य स्पष्ट कीजिए। वर्तमान की भयावहता का मूल्यांकन कीजिए॥
Q4.कोंकणी साहित्य में मीना काकोडकर के महत्व पर विचार करते हुए 'ओडरे चुरुमन मेरे' कहानी का परिचय दीजिए।
Q5.अमृता प्रीतम की कहानी 'अपना-अपना कर्ज की मूल संवेदना को रेखांकित कीजिए।
Q6.दलित मुक्ति चेतना के सन्दर्भ में बाबूराव बागुल की कहानी “विद्रोह” का मूल्यांकन कीजिए।
Q7.निम्नलिखित विषयों में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए : 2x5=10
(क) “पाँच पत्र' का जीवनदर्शन
(ख) तमिल कहानीकार डी. जयकान्तन
(ग) विजयदान देथा
(घ) टोबा टेकसिंह का मर्म