BSKC-103 · June 2025 · हिन्दी
IGNOU BSKC-103 June 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BSKC-103
Structured previous year question paper for BSKC-103, June 2025 session (Hindi medium).
Questions: 2 · Sections: 2
Verified: 24 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BSKC-103
बी. ए. (ऑनर्स) संस्कृत
सत्रांत परीक्षा
जून, 2025
बी.एस.के.सी.-103 : लौकिक संस्कृत गद्य साहित्य
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
नोट: 6) इस प्रश्न-पत्र में दो खण्ड हैं।
(४४2 सभी खण्डों से प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(४४) सभी प्रश्नों के निर्धारित अंक अंकित हैं।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं तीन की सप्रसंग व्याख्या कीजिए-- 3x20=60
(क) इयं सवर्धनवारिधारा तृष्णाविषवल्लीनाम्, व्याधगीतिरिन्द्रिय.._ मृगाणामू, परामर्शधूमलेखा सच्चरितचित्राणामू, विश्रमशय्या मोहदीर्घनिद्राणाम्, निवासजीर्णवलभी धनमदपिशाचिकानाम्, तिमिरोद्गति: शार्दृष्टीनाम्, पुरःपताका सर्वाविनयानाम् उत्पत्तिनिम्नगा क्रोधावेगग्राहणाम्ू आपानभूमिर्विषय- मधूनाम्, सडगीतशाला भ्रूविकारनाट्यानामू, आवासदरी दोषाशी विषाणाम्, उत्सारणवेत्रलता सत्पुरुषव्यवहारणाम्, अकालप्रावृड् गुणकलहंसकानाम्, विसर्पणभूमिलोकापवाद विस्फोटकानाम्, प्रस्तावना कपटनाटकस्य, कदलिका कामकारिण:, वध्यशाला साधुभावस्य, राहुजिह्ा धर्मेन्दुमण्डस्य।
(ख) इदमाकर्ण्य किज्चित् स्मित्वेव परितोडवलोक्य च योगी जगाद-'सत्यं न लक्षितो मया समया वेग:। यौधिष्ठरे समये कलितसमाधिरहं वैक्रम समये उदस्थाम्। पुनश्च वैक्रम समये समाधिमाकलय्य अस्मिन् दुराचारमये समयेडहमुपस्थितोडस्मि। até पुनर्गत्वा समाधिमेव 'कलायिष्यामि, किन्तु तावत सडश्षिप्यं कथ्यतां का दशा भारतवर्षस्येति ?
(ग) सर्वश्चैव जीवलोक: समग्रमपि युगसहस्र॑ भुज्जानो न ते कोष्ठागाराणि रेचयिष्यति। 'किमिदमपर्याप्त॑ यदन्यार्जितायास: क्रियते। जीवितं हि नाम जन्मवतां चतुःपज्चाप्यहानि। तत्रापि भोगयोग्यमल्पाल्पं॑ बयः
खण्डम्। अपण्डिता: पुनर्जयन्त एवं ध्वसन्ते। नार्जितस्य
वस्तुनो लवमप्यास्वादयितुमीहन्ते।
(घ) सर्वथा नयज्ञस्थ वसन्तभानोरश्मकेन्द्रस्य हस्ते राज्यमिदं
पतितम्। अपि नामापदो भाविन्य
प्रकृतिस्थमेनमापादयेयु:। अनर्थेषु सुलभ व्यलीकेषु
क्वचिदुत्पन्नो5पि द्वेष: सदवृत्तमस्मै न रोचयेत्। भवतु
भविता तावदनर्थ:। स्तम्भितपिशुनजिल्लों यथाकथ्थ-
चिदश्रष्टपदस्तिष्ठेयम् इति।
खण्ड-ख
Q2.निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए--
(क) 'शुकनासोपदेश' में चित्रित लक्ष्मी के स्वरूप को
(ख) 'शिवराजविजय' में प्रतिपादित संस्कृति को अपने शब्दों में लिखिए।
(ग) नीतिकथाओं में वर्णित नीतिकथाओं से प्राप्त शिक्षा को
(घ) गद्य का स्वरूप और गद्य के विविध रूपों पर प्रकाश डालिए। (S) कादम्बरी के चरित्र-चित्रण पर प्रकाश डालिए।