BSKC-103 · December 2023 · हिन्दी

IGNOU BSKC-103 December 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BSKC-103

Structured previous year question paper for BSKC-103, December 2023 session (Hindi medium).

Questions: 2 · Sections: 3

Verified: 24 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 3 BSKC-103

बी. ए. ( ऑनर्स ) संस्कृत ( बी.ए.एस.के.एच. )

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2028

बी.एस.के.सी.-103 : लौकिक संस्कृत गद्य साहित्य

समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100

नोट : प्रश्न-पत्र दो खण्डों में विभाजित है। दोनों खण्ड

अनिवार्य हैं।

खण्ड-क

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों FY oa fet de at aren व्याख्या कीजिए-- 20x3=60

(क) अग्निकार्यधूमेनेव मलिनीक्रियते हृदयम्‌, पुरोहितकुशाग्र सम्मार्जनीभिरिव अपहियते क्षान्तिः उष्णीषपट्टबन्धेने3 आच्छाद्यते जरागमनस्मरणम्‌, आतपत्रमण्डलेनेव अपसार्यत॑ परलोकदर्शनम्‌, चामरपवनैरिव अपहियते सत्यवादिता, वेत्रदण्डैरिव उत्सायन्ते गुणा, जयशब्दकलकलैरिव तिरस्क्रियन्ते साथुवादा;, ध्वजपट पल्‍लवैरिव परामृश्यते यश:। (@) अयमेव अहोरात्र जनयति, अयमेव वासरं द्वादशसु

भागेषु विभनक्ति, अयमव कारणं षण्णामृतूनाम्‌ एप

एवाडगीकरोति उत्तरं दक्षिणं चायनमू, एनेनैव

सम्पादिता युगभेदा: एनेनैव aa: pea:

एनमेवा5 उश्रित्य. भवति परमेष्ठिन: परार््धसंख्या,

असावेव चर्कातें, बर्भति, जहति च जगन, वेदा

एतस्यैव वन्दिन:, गायत्री अनुमेव गायति, ब्रह्मनिष्ठा

ब्राह्मणा अनुमेवाहररूपतिष्ठन्ते।

(ग) स पुनरिमान्ग्रत्याह--कोडसौ मार्ग:' इति। पुनरिमे

ब्रुक्ते 'ननु चतस्रो राजविद्या:-त्रयी, वार्तान्वीक्षिकी

दण्डनीतिरिति। तासु तिस्रत्रयीवार्तान्वीक्षिक्यों महत्यो

मन्दफलाश्च तास्तावदासताम्‌। अधीश्व

तावद्दण्डनीतिम्‌। इयमिदानीमाचार्यविष्णुगुप्तेन

मौर्यार्थे _. षड़भि: श्लोकसहसै: संक्षिप्ता।

सैवेयमधोन्य सम्यगनुष्ठीयमाना यथोक्‍तकर्मक्षमा'

इति। स तथा इत्यथीते श्रुणोति चा तत्रेव जरां

गच्छति। तत्रु किल शास्त्र शास्त्रान्तरानुबन्धि।

(a) eH बद्ध सिद्धासनैर्निरुद्ध-निःश्वासै:

प्रबोधितकुण्डलिनीकैरविजितदशेन्द्रयिरनाहत. नाद-

तन्तुमवलम्ब्याउज्ञाचक्र॑ संस्पृश्य, चन्द्रमण्डलं भित्वा,

a: पुज्जमविगणय्य, सहस्रदलकमलस्यान्त:

प्रविश्य, परमात्मानं साक्षात्कृत्य, aa रम-

माणममत्युड्जयैरानन्दमात्रस्वरूपैर्ध्यानावस्थितैर्भवादूशैर्न

ज्ञायते कालवेग;।

खण्ड-ख

Q2.निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए--

(क) संस्कृत गद्य साहित्य के प्रमुख गद्यकार का वर्णन कीजिए।

(ख) शुकनासोपदेश के अनुसार लक्ष्मी के स्वरूप का वर्णन कौजिए।

(ग) महाकवि दण्डी के व्यक्तित्व व रचनाओं पर लेख लिखिए।

(घ) “विश्रुतचरितम्‌' का कथासार अपने शब्दों में विशेषताओं सहित लिखिए। (ड) सुबन्धु और पण्डित अम्बिकादत्त व्यास की भाषाशैली पर प्रकाश डालिए।