BSKC-103 · June 2023 · हिन्दी
IGNOU BSKC-103 June 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BSKC-103
Structured previous year question paper for BSKC-103, June 2023 session (Hindi medium).
Questions: 2
Verified: 24 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BSKC-103
बी. ए. ( ऑनर्स ) संस्कृत ( बी.ए.एस.के.एच. )
सत्रांत परीक्षा
जून, 2028
बी.एस.के.सी.-103 : लौकिक संस्कृत गद्य साहित्य
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100
नोट : प्रश्न-पत्र दो खण्डों में विभाजित है। दोनों खण्ड
अनिवार्य हैं।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं तीन की सप्रसंग व्याख्या कीजिए-- 20x3=60
(क) ग्रहैरिव गृह्मन्ते, भूतैरिवाभिभूयन्ते मन्त्रैरिवावेश्यन्ते, सन्वैरिवावष्ट भ्यन्ते, वायुनेव विडम्ब्यन्ते पिशाचेरिव ग्रस्यन्ते, मदनशरैमर्माहता इब मुखभड्गसहस्राणि aad, wer wea ga विचेष्टन्ते, गाढप्रहाराहता इब अज्भानि न धारयन्ति, कुलीरा इब तिर्यक् परिभ्रमन्ति, अधर्मभग्नगतय: पडगव इब परेण संचार्यन्ते।
(ख) एनां च सुन्दरीमाकलय्य कोडपि यवन-तनयो नदीतटान्मातुर्हस्तादाच्छिद्य क्रन्दन्तीं नीत्वाउपससार। ततः कड्चिद्ध्वानमतिक्रम्य यावदसिधेनुकां सन्दर्श्य विभीषिकयाअस्या: क्रन्दन-कोलाहलं शमायितुमियेष, तावदकस्मात् कोडषपि कालकम्बल इव भल्लूको वनान्तादुपाजगतम। दृष्टवैव यवन-तनयो5सौ तत्रैव त्यक्त्वा कन्यकामिमां शाल्मलितरूमेकमारूरोह।
(ग) प्रथमे रात्रिभागे गूढ़पुरुषा दृष्टव्या।। Tw चातिनृशंसा; शस्त्राग्निस्सप्रणिधयोअनुष्ठेया:। द्वितीय भोजनानन्तरं श्रोत्रिय इब॒ स्वाध्यायमारभेत। तृतीये तूर्षघोषेण. स्िष्टब्यतुर्थपंचमी. शयीत किल। कथमिवास्याजस्त्रचिन्तायासविहलमनसो. वराकस्य निद्रासुखमुपनमेत्। पुनः षष्ठे शास्त्रचिन्ताकार्यचिन्तारम्भ:। सप्तमे तु॒मन्त्रग्रहो दूताभिप्रषणानि च।
(A) ततो दिललीश्वरं पृथ्वीराजं कान्यकुब्जेश्वरं जयचद्धं च पारस्परिकविरोध-ज्वर-ग्रस्तं विस्मृत-राजनीतिं भारतवर्ष-दुर्भाग्यायमाणमाकल य्यानायासेनोभावषि विरास्य, वाराणसीपर्यन्तमखण्डमण्डलमकण्टकमकीट- किट्टं महान्नमिव महाराज्यगड्भोचकार। तेन वाराणस्यामपि बहवो5स्थिगिरय: प्रचिता:, रिक्वरज़्भड़ा गज्ञाजपि शोणित-शोणा शोणीकृता, परस्सहस्राणि च देवमन्दिराणि भूमिसात्कृतानि।
Q2.निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए--
(क) संस्कृत नीति और लोककथाओं पर प्रकाश
(ख) महाकवि बाणभट्ट के व्यक्तित्व और रचनाओं का वर्णन कीजिए।
(ग) “शुकनासोपदेश' में वर्णित राजाओं की विभिन्न दशाओं का वर्णन कीजिए।
(घ) “विश्रुतचरितम्' का सार अपने शब्दों में व्यक्त कीजिए। (ड) लौकिक संस्कृत गद्य साहित्य के स्वरूप को लिखिए।