BSKC-103 · December 2025 · हिन्दी

IGNOU BSKC-103 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BSKC-103

Structured previous year question paper for BSKC-103, December 2025 session (Hindi medium).

Questions: 2 · Sections: 2

Verified: 24 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 BSKC-103

बी. ए. (ऑनर्स) संस्कृत

सन्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2025

बी.एस.के.सी.-103 : लौकिक संस्कृत गद्य साहित्य

समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100

नोट:

(6) इस प्रश्न-पत्र में दो खण्ड हैं।

(ii) सभी खण्डों से प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(iii) सभी प्रश्नों के निर्धारित अंक अंकित हैं।

खण्ड-क

Q1.निम्नलिखित गच्यांशों में से किन्हीं तीन की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : 3x20=60

(क) शनैःशनैः. सच्चरितानि नाशयति। लक्ष्म्या: संसर्गेण पुरुषाणां सदसद्विवेको विनश्यति। सर्वविधधर्माचरणानां विनाशश्च भवति। कामादिविकाराणां प्राबल्येन सर्वा: गुणा: अपयान्ति। विविधनिन्दिताचरणजन्यलोकापवादा: जायन्ते। अपि च चज्चलस्वभावा इयं नैकत्र स्थिरतया वासं करोति। आरब्धयौवनेन चन्द्रापीडेन यौवराज्ये प्राप्ते अस्मिन्‌ अवसरे एततू सर्व चिन्तनीयमू इव्याशय :।

(ख) शास्त्रज्समज्ञातों हि यद्‌ ददाति, यन्मानयति, यत्‌ प्रियं ब्रवीति, तत्सर्वमभिसंधातुमित्यविश्वास: | अविश्वास्यता हि जन्मभूमिरलक्ष्या। यावता च नयेन विना न लोकयात्रा स लोकत एवं सिद्ध:। नात्र शास्त्रेणार्थ :। स्तनंधयो5पि हि तैस्तैरूपायै: स्तनपान जनन्या लिप्सते, तदपास्यातियन्त्रणा-मनु भूयन्तां यथेष्टामिन्द्रियसुखानि।

(ग) तस्मिन्‌ पर्वते आसीदेको महान कन्दर:। तस्मिन्नेव महामुनिरिक: wat frst cl war a समाधिमज्जीकृवानिति asf a afi ग्रामणी-ग्रामीण-ग्रामा: समागत्ये मध्ये मध्ये TAT प्रणमन्ति स्तुवन्ति च। त॑ केचित्‌ कपिल इति, अपरे लोमेश इति, इतरे जैगीषव्य इति, अन्ये च मार्कण्डेय इति विश्वसन्ति स्म।

(घ) सर्वथा नयज्ञस्थ वसन्तभानोरश्मक्रेन्द्रस्य हस्ते राज्यमिदं पतितम्‌। अपि नामापदो भाविन्य: प्रकृतिस्थमेनमापादयेयु:। अनर्थेषु सुलभव्यलीकेषु क्वचिदुत्पन्नो5पि द्वेष: सद्वृत्तमस्मै न रोचयेतू। भवतु भविता तावदनर्थ:। स्तम्भितपिशुनजिह्नो यथाकथचिद भ्रष्टपदस्तिष्ठेयम्‌ इति।

खण्ड-ख

Q2.निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखिए :

(क) राजा अनन्तवर्मा के व्यक्तित्व को लिखिए।

(ख) संस्कृत जगत्‌ के प्रमुख गद्यकारों का विवरण दीजिए।

(ग) लौकिक संस्कृत के गद्य साहित्य पर लेख लिखिए।

(घ) महाकवि बाणभट्ट की रचनाओं पर प्रकाश डालिए। (S) 'दण्डिन: पदलालित्यम्‌! की विस्तृत व्याख्या कीजिए ।