BPYC-131 · December 2025 · हिन्दी

IGNOU BPYC-131 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

INDIAN PHILOSOPHY

Structured previous year question paper for BPYC-131, December 2025 session (Hindi medium).

Max marks: 100 · Questions: 5

Verified: 24 Aug 2026

बी. ए. (सामान्य) दर्शनशास्त्र

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2025

बी.पी.वाई.सी.-131 : भारतीय दर्शन

समय :3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100

नोट: 6) सभी याँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(४४) सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।

(४४४) प्रश्न क्रमांक ॥ और 2 के उत्तर लगभग 400-400

शब्दों में दीजिए।

Q1.भारतीय दर्शन की प्रमुख विशेषताओं की विस्तृत चर्चा कीजिए। 20 अथवा बौद्ध दर्शन के प्रतीत्यसमुत्पाद सिद्धान्त पर एक निबन्ध लिखिए।

Q2.न्याय दर्शन में “अनुमान! की अवधारणा की व्याख्या कीजिए। ज्ञान के एक प्रामाणिक स्रोत के रूप में चार्वाक दर्शन अनुमान का खंडन किस प्रकार करता है ? 20 अथवा “गीता' के दार्शनिक आधारों की विस्तृत चर्चा कीजिए।

Q3.निम्नलिखित में से fed दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 200-200 शब्दों में दीजिए :

(क) न्याय दर्शन में उपमान प्रमाण की व्याख्या कीजिए। 10

(ख) अनिर्वचनीय ख्यातिवाद की चर्चा कीजिए। 10

(ग) योग दर्शन में समाधि के विचार की चर्चा कीजिए। 10

(घ) जैन दर्शन के अनेकान्तवाद सिद्धांत की चर्चा कीजिए।

Q4.निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लगभग 150-150 शब्दों में दीजिए :

(क) असत्कार्यवाद की व्याख्या कीजिए । 5

(ख) विवर्तवाद के विचार का मूल्यांकन कीजिए। 5

(ग) मध्वाचार्य के अनुप्रमाण पर समीक्षात्मक टिप्पणी लिखिए। 5

(घ) वैशेषिक दर्शन की उत्पत्ति के सिद्धान्त पर टिप्पणी लिखिए। 5 (ड) वेदांग पर टिप्पणी लिखिए। 5

(च) काश्मीर शैव दर्शन में मोक्ष के विचार पर टिप्पणी लिखिए।

Q5.निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच पर लगभग 100-100 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए ;

(क) त्रिरत्न 4

(ख) भूमा विद्या 4

(ग) विपरीत ख्यातिवाद 4

(घ) स्वार्थानुमान 4 (ड) भक्तियोग 4

(च) शब्द प्रमाण 4

(छ) पुरुषार्थ 4 (ज) शंकर वेदांत में परम सतत्‌ का विचार