BPYC-131 · December 2022 · हिन्दी

IGNOU BPYC-131 December 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

INDIAN PHILOSOPHY

Structured previous year question paper for BPYC-131, December 2022 session (Hindi medium).

Max marks: 100 · Questions: 5

Verified: 24 Aug 2026

स्नातक उपाधि कार्यक्रम ( दर्शनशास्त्र )

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर , 2022

बी. पी. वाई. सी.-181 : भारतीय दर्शन

समय / 3 घण्टे अधिकवम अक : 100

नोट : 6) सभी प्राँच प्रश्नों को उत्तर दीजिए।

(४) सभी प्रश्नों को अंक समान हैं।

(ii) WT सख्या # और 2 में ग्रत्येक का उत्तर

लगभग 400 शब्दों में TE

Q1.क्‍या भारतीय दर्शन प्रकृति में निराशावादी और 'पलायनवादी है ? मूल्यांकन कौजिए। 20 अथवा “तज्जलानिति' के दार्शनिक निहितार्थों का विस्तृत विवरण दीजिए।

Q2.चार्वाक दर्शन के अनुसार ज्ञान का विस्तृत विवरण दीजिए। 20 अथवा वैशेषिक दर्शन की तत्वमीमांसा पर उसकी प्रत्येक कोटि (पदार्थ) की व्याख्या करते हुए एक निबन्ध लिखिए।

Q3.किन्हीं दे प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 200 शब्दों में दीजिए :

(क) स्वतः प्रमाण्यवाद की व्याख्या कीजिए। 10

(ख) जैन दर्शन के अनुसार पाँच प्रकार के ज्ञान पर प्रकाश डालिए॥ 10

(ग) याज्ञवल्क्य के द्वारा प्रतिपादित एक ईश्वर और अनेक ईश्वरों के मध्य अन्तर की व्याख्या कीजिए। 10

(घ) मुण्डक उपनिषद्‌ के अनुसार ब्रह्म की प्रकृति पर विस्तृत टिप्पणी लिखिए।

Q4.किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए :

(क) केवल प्रमाण और अनुप्रमाण के मध्य अन्तर कीजिए। 5

(ख) सामान्य लक्षण क्‍या हे ? 5

(ग) नैतिक आदर्श के रूप में रामायण के विभिन्‍न पात्रों पर टिप्पणी कीजिए॥ 5

(a) उपनिषद्‌ में प्रस्तुत दो प्रकार के ज्ञान कौन-से (ड) जीवात्मा और परमात्मा के मध्य सम्बन्ध का वर्णन कीजिए। 5

(च) वैश्विक अश्व का प्रतीकात्मक अर्थ क्या है ?

Q5.fet we पर लगभग 100 शब्दों में (प्रत्येक) संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :

(क) जीवनमुक्ति और विदेहमुक्ति 4

(ख) स्वार्थानुमान एवं परार्थानुमान 4

(ग) वेध ज्ञान (प्रमाण) 4

(a) विशिष्टाद्वैत में माया 4 (ड) चित्तभूमि (चित्त की अवस्थाएँ) 4

(च) चत्ुर्वर्ण 4

(छ) स्वरूप और विरूप परिणाम 4 (ज) शैव सिद्धान्त