BPYC-131 · December 2023 · हिन्दी
IGNOU BPYC-131 December 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
INDIAN PHILOSOPHY
Structured previous year question paper for BPYC-131, December 2023 session (Hindi medium).
Max marks: 100 · Questions: 5
Verified: 24 Aug 2026
कला स्नातक ( सामान्य ) ( बी. ए. दर्शनशास्त्र )
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2023
बी.पी.वाई.सी.-181 : भारतीय दर्शन
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
नोट : 6) सभी पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
(४) सभी प्रश्नों के अंक समान हैं।
(४0) प्रश्न संख्या 1 और 2 में प्रत्येक का उत्तर
लगभग 400 शब्दों में दीजिए।
Q1.भारतीय दर्शन की मुख्य विशेषताओं का वर्णन कौजिए। न्याय दर्शन के अनुमान प्रमाण पर टिप्पणी लिखिए। चार्वाक दर्शन अनुमान की आलोचना किस तरह करता है?
Q2.उपनिषदों के केन्द्रीय विचारों की चर्चा कीजिए। 20 रामायण के दार्शनिक आधारों पर टिप्पणी लिखिए।
Q3.निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 200-200 शब्दों में दीजिए : (अ) मुंडक उपनिषद् के अनुसार ब्रह्म का स्वरूप क्या है? 10 (ब) बौद्ध दर्शन के प्रतीत्यसमुत्पाद पर टिप्पणी लिखिए। (स) तज्जलानिति के दार्शनिक निहितार्थ क्या हैं ? 10 (द्) चार आर्य सत्यों का वर्णन कीजिए॥।
Q4.निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लगभग 150-150 शब्दों में दीजिए : (अ) बौद्ध दर्शन और गीता द्वार प्रतिप्रादित कर्म सिद्धांत के मध्य तुलना कीजिए। 5 (ब) जैन दर्शन के स्यादवाद का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए। 5 (स) सांख्य दर्शन किस तरह प्रकृति के अस्तित्व को सिद्ध करता है ? 5 (द) माधवाचार्य के केवल प्रमाण पर टिप्पणी लिखिए।5 (य) काश्मीर शैव दर्शन में बंधन की प्रकृति का वर्णन कीजिए। 5 (र) विपरीतख्यातिवाद और अन्यथाख्यातिवाद की तुलना कीजिए।
Q5.निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच पर लगभग 100-100 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए : (अ) पराविद्या 4 (ब) शब्दप्रमाण 4 (स) वेदांग 4 (द्) शंकर के दर्शन में अविद्या 4 (य) अष्टांग योग 4 (र) असत्कार्यवाद 4 (ल) भक्तियोग 4 (व) जैन दर्शन में पंच महात्रत