BHDE-141 · December 2025 · हिन्दी
IGNOU BHDE-141 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDE-141
Structured previous year question paper for BHDE-141, December 2025 session (Hindi medium).
Questions: 9
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 6 BHDE-141
स्नातक उपाधि कार्यक्रम (सामान्य)
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2025
बी.एच.डी.ई.-141 : अस्मितामूलक विमर्श
और हिन्दी साहित्य
समय :3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100
नोट ; प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं चार प्रश्नों के
उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित में से किन्हीं तीन की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) मेघा और मगर गोह, साँप मूस खाई हम, करी गिलहरिया शिकार। कुकुरा के साथ धाई जुठली पतरिया पै, पेटवा है पपिया भड़ार।। 31।
(ख) आज मेरे पास अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है बोलने को शब्द हैं सुनने को कान हैं हथेली में पहले भी थी श्रम की रेखाएँ आज भी हैं।
(ग) पर बीते दिन, वर्ष, मास मेरी इन आँखों के आगे ही फिर-फिर मुरझाए ये निपट काँस मन मेरे ! अब रेखा लाँघो आए तो आए वह वन्य छद्मधारी अविचारी।
(घ) बाँस की टहनी-सी लचक वाली, बाप की छाती पर साँप-सी लोटती सपनों में काली छाया-सी डोलती सात भाइयों के बीच चंपा सयानी हुई। (S) “अपनी जगह से गिरकर कहीं के नहीं रहते केश, औरतें और नाख़ून”- अन्वय करते थे किसी श्लोक को ऐसे हमारे संस्कृत टीचर। और मारे डर के जम जाती थीं हम लड़कियाँ अपनी जगह पर। मुझे उतनी दूर मत ब्याहना जहाँ मुझसे मिलने जाने खातिर घर की बकरियाँ बेचनी पड़ें तुम्हें मत ब्याहना उस देश में जहाँ आदमी से ज्यादा ईश्वर बसते हों।
Q2.स्त्री-विमर्श का अर्थ स्पष्ट करते हुए इसके उद्देश्य पर प्रकाश डालिए।
Q3.समकालीन हिन्दी साहित्य में स्त्री-विमर्श की स्थिति पर अपने विचार व्यक्त कीजिए।
Q4.आदिवासी विमर्श की परंपरा पर एक निबंध लिखिए।
Q5.“धूनी तपे तीर” उपन्यास के कथानक का विश्लेषण
Q6.“व्यक्तित्व की भूख' कहानी के सामाजिक संदर्भों को उजागर
Q7.“दलित कहाँ तक पड़े रहेंगे! कविता की अंतर्वस्तु का विवेचन
Q8.“अन्या से अनन्या' के आधार पर प्रभा खेतान की वैचारिकी और जीवनदृष्टि पर प्रकाश डालिए।
Q9.‘aie’ में अभिव्यकत सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश और दलित जीवन पर अपने विचार व्यक्त
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BHDE-141 SOLVED ASSIGNMENT 2026-27 HINDI MEDIUM
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