MHD-12 · June 2018 · हिन्दी
IGNOU MHD-12 June 2018 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
भारतीय कहानी (Indian Story)
Structured previous year question paper for MHD-12, June 2018 session (Hindi medium).
Questions: 7
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)
सत्रांत परीक्षा
ण्स््प्य्व पड जून, 2018 ;
एम.एच .डी.-12 : भारतीय कहानी
समय ; 2 घण्टे अधिकवम अंक : 50
नोट: प्रथम प्रन्न अनिवार्य है / शेष ग्रेश्नों में से किन्हीं तीन उर्नों के
उत्त दीजिए /
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं क्षो की सन्दर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20
(क) अप्पू ताड़ के पत्ते से बना छाता कन्धे पर रखकर उसकी रंगीन डण्डी पर थैली लटकाये आँगन से चल पड़ा । फांटक पार करने पर फिसलकर गिरने को हुआ, लेकिन गिरा नहीं । मुड़ंकर देखा कि किसी ने देखा तो नहीं । ओसारे के दरवाज़े के सहारें दीदी उसे ही एकटक देख रही ,थी... यह डराने वाली आँखें दीदी को कैसे मिलीं । जब उसने मुड़कर देखा तो दीदी ने कछुए की तरह सिर अन्दर खींच लिया । है
(ख) “अबे, क्या चल रहा है ! आजकल उल्टा-सीधा काम करने लग गया है, क्या बात है ? अरे, किसने तुझे डिस्ट्रिब्यूट करने को कहा ? ... बाहर जाते हुए मैं कौन-सा काम बताके गया और तू क्या काम कर रहा है ! ... मैंने कहा था कार्ड का काम पूरा करने के बाद अभिनन्दन-पत्र को मशीन पर चढ़ा ले ... हाँ, वह बहुत ज़रूरी है,” मुदलियार चिल्लाये । “अच्छा मालिक !” बदस्तूर जवाब देकर विनायक काम में मशगूल हो गया । “चाहे रात हो जाए, आज उसे पूरा करना ही है !” मुदलियार का हुक्म । घड़ी में तीन बज गये । छप गये निमन्त्रण-पत्र के मैटर को Rie [...] (this portion is being re-verified) गया । अब अभिनन्दन-पत्र का काम शुरू करना है। " हाथ मुस्तैदी से काम पर लगे थे । मन अपने लिए एक विवाह-लग्न-पत्रिका छपने के 'शुभ दिन के चिन्तन में
(ग) पानी ! पानी शब्द सुनते ही अविनाश की समस्त तंत्रिकाएँ जैसे जागृत हो गई । उन्होंने महसूस किया कि : - इस वक्त उन्हें पानी की सख़्त ज़रूरत है । लेकिन फिर भी उन्होंने आँख नहीं खोली । और आँखें बंद किए-किए बोलना उचित नहीं था । मगर जवाब न पाकर शायद वे पानी न लाएँ, कहें कि रहने दो, रहने दो, डिस्टर्ब करने की ज़रूरत नहीं है । जागने से ही पानी पीने को मिल सकता है । अविनाश ने आँखें खोल दी ।
(घ) वह नीचे गिर पड़ी । लाश की तरह सफ़ेद हो गई और ; बह नीचे न उतरे इसलिए उसने झपट कर मैले से भरे हुए डिब्बे को खींचा जिससे उसकी उँगलियाँ मैले से भर गईं । उसके बदन पर रोंगटे खड़े हो गए । मन घृणा से . भर उठा । फिर भी उसने आवेग में डिब्बा कंधे पर उठा लिया और उसके अंधे आवेग के कारण डिब्बा छलक गया । बदन पर मैला बदबदाता गिरने लगा । तब साँप पाँवों को लपेट कर जब छाती पर फन मारता है उस समय आदमी जिस तरह प्राणों के भय से चीखता है, , उसी तरह की मर्मभेदक चीख़ उसके मुँह से निकली ।
Q2.मलयालम कहानी के विकास में एम.टी. वासुदेवन नायर की भूमिका पर प्रकाश डालिए ।
Q3.Seer कहानी के कथानक की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए ।
Q4.आशापूर्णा देवी का परिचय देते हुए उनकी कहानी अपने लिए शोकगीत' का विश्लेषण कीजिए ।
Q5.“अपना-अपना क़र्ज़' कहानी की मूल संवेदना को रेखांकित कीजिए ।
Q6.दलित चेतना के संदर्भ में “विद्रोह” कहानी का मूल्यांकन कीजिए।
Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं को पर टिप्पणियाँ लिखिए :.. 96-70
(क) इंदिरा गोस्वामी
(ख) गोपीनाथ महंति
(ग) कोंकणी कहानी-संसार
(घ) 'िता' कहानी का कथानक