MHD-12 · December 2025 · हिन्दी
IGNOU MHD-12 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
भारतीय कहानी (Indian Story)
Structured previous year question paper for MHD-12, December 2025 session (Hindi medium).
Questions: 7
Verified: 26 Jul 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 MHD-12
हिंदी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम. ए. हिंदी)
(एम.एच.डी.)
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2025
एम.एच.डी.-12 : भारतीय कहानी
समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50
नोट:
(6) प्रथम प्रश्न अनिवार्य है।
(४४) शैष में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20
(क) तविटम्मा ने सफाई दी कि देर से आने का कारण उसकी लापरवाही नहीं है। 'दूधपीती बच्ची देर तक सोई नहीं। उसे रखने वाला घर में आगे-पीछे कोई नहीं है। बच्ची को दूध पिलाकर सुलाते-सुलाते इतना वक्त हो गया है।' इस तरह की करुण कहानियाँ सुन-सुनकर वहाँ के लोगों के दिल पत्थर हो गए हैं। अब लोगों ने ऐसी बातें सुनना ही छोड़ दिया है। मंद्र ध्वनि के साथ घड़ों को भरती जीवनधारा के सामने जो घड़ा लगा देता है, पानी उसी को मिलता है। पिछड़ने वालों का काम पिछड़ ही जाता है। इसमें किसी की कोई जिम्मेदारी
(ख) गाँव के लोगों ने भी नहीं सोचा था कि जिस तरह जंगल घेरकर हिरन-सांभर को खदेड़कर मारना होता है, वही बाघ मारने का भी तरीका है। या यह भी नहीं सोचा था कि चैती शिकार के समय जंगल जिस तरह विरल दिखता है, पेड़ों में कम पत्ते, डाल सब अधनंगी, क्वांर का भरा जंगल भी उसी तरह का लगेगा। उन लोगों ने इस सबके बारे में जरा भी नहीं सोचा था। गुस्साए थे, गरमाए थे, मान गए थे, धनू पंडित की वाणी में देवी की आवाज जैसे उनके अपने ही अंतर की कामना थी, एक बार देवी की जबान से अभिमंत्रित होकर निकलने के बाद सैकड़ों लोगों की भाषा बनकर वह खुद एक आश्चर्य बन गई थी।
(ग) “ और अपनी माँ से इस तरह पेश मत आना! तू कभी रास्ते में उसे माँ कहकर पुकारता नहीं है ! उसके साथ कहीं जाता नहीं ! तेरे जैसे सुदृढ़, समझदार बेटे को अपने कामगार साथियों को दिखलाने की उसकी कितनी इच्छा होती है। लेकिन तू कोढ़ी आदमी की तरह उससे बचता है। वह बेचारी रोती-कुढ़ती रहती है। मन का दुःख मन में दबाए रहती है। कभी बढ़ जाने पर मुझे या इस लड़की को तुझे सुधारने के लिए कहती है ! जय , उसे मातृत्व भोगने दे, माँ की तरह पेश
(घ) पाकिस्तान और हिन्दुस्तान का किस्सा शुरू हुआ तो उसने दूसरे पागलों से पूछना शुरू किया कि टोबा टेक सिंह कहाँ हैं, जब उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो उसकी क्रेद दिन-प्रतिदिन बढ़ती गई। अब मुलाकात भी नहीं आती थी, पहले तो उसे अपने आप पता चल जाता था कि मिलने वाले आ रहे हैं, पर अब जैसे उसके दिल की आवाज आनी भी बंद हो गई थी जो उसे उनके आगमन की खबर दे दिया करती थी- उसकी बड़ी इच्छा थी कि वह लोग आएँ जो उससे हमदर्दी प्रकट करते थे और उसके लिए फल, मिठाइयाँ और कपड़े लाते थे। वह आएँ तो वह उनसे पूछे कि टोबा टेक सिंह कहाँ है।
Q2.“लड़की जिसकी मैंने हत्या की' कहानी के कथानक की विशेषताएँ लिखिए।
Q3.“अपने लिए शोकगीत' कहानी के किसी एक चरित्र पर तर्क सहित विचार कीजिए।
Q4.“विद्रोह” कहानी की भाषा पर विचार कीजिए।
Q5.“अपना-अपना कर्ज” कहानी की मूल संवदेना स्पष्ट कीजिए।
Q6.तमिल कहानी के विकास में डी. जयकांतन के अवदान पर प्रकाश डालिए।
Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(ख) “जवाबी कार्ड ' कहानी का संदेश
(ग) “चिता” कहानी का शिल्प
(घ) इंदिरा गोस्वामी