MHD-12 · December 2024 · हिन्दी

IGNOU MHD-12 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

भारतीय कहानी (Indian Story)

Structured previous year question paper for MHD-12, December 2024 session (Hindi medium).

Questions: 7

Verified: 26 Jul 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 6 MHD-12

स्नातकोत्तर उपाधि कार्यक्रम ( एम. ए. )

हिन्दी

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2024

एम.एच.डी.-12 : भारतीय कहानी

समय : 2 घण्टे अधिकतम अक : 50

नोट : प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्‍्हीं तीन

प्रश्नों को उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्‍्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20

(क) कहते हैं कि म्युनिसपैलिटी वाले बंगले वालों के नल बन्द नहीं करते। जब तक लाइन खुली रहती है, तब तक उनको पानी मिलता ही रहता है। मोटरों की सहायता से वे लोग टंकियाँ भर लेते हैं। लोग तीन-तीन दफा नहाते हैं। चार-पाँच बार हाथ-मुँह धोते हैं। चार प्याले भी धोने हों तो आधे घण्टे तक धार छोड़ते रहते हैं। अगले दिन टंकी खाली करके पौधों को वह पानी देते हैं। “क्या फायदा ! (आदमियों को छोड़कर पौधों को पानी देने पर भी) इतना बड़ा बगीचा है। एक भी फल का पेड़ नहीं है।” तविटम्मा ने कहा।

(ख) और आदमी भी इतना दुर्बल कैसे है कि गरीबी से फट चुकी गृहस्थी को टाँके मारने के लिए यह काम करता है। मनुष्य जिसने सारे विश्व का नामकरण दिया, देव-धर्म को खोजा। शून्य से इस सुन्दर सृष्टि का निर्माण किया-मनुष्य, पंचमहाभूतों से भी प्रचण्ड, प्रभावशाली।

(ग) पिछली गर्मियों में बहुत दिनों के बाद लोगों को जीवण की भारी, बुलन्द और कर्कश आवाज सुनने को मिली थी। वैसे वह आवाज कहीं-कहीं से कमजोर हो गई थी। उसमें परिचय तो था पर सघनता नहीं थी। इसलिए उसकी आवाज को बुलन्द करना अतिश्योक्तिपूर्ण लगता है। लेकिन कुल मिलाकर यही तो कहना है कि यह आवाज वही है जो पहले बुलन्द थी। रास रमते गरबी का अन्तरा उठाती हुई जो आवाज सारे चौगान में और मन्दिर के शिखर तक छा जाती थी, वह आवाज एकदम धुँधली भला कैसे हो सकती है। इसलिए तो उस आवाज को सुनकर सब चौंक उठे थे। सारे गाँव को उल्टा-सीधा कहने वाले पंच उस दिन मीठी सलाह देने गए थे फिर भी वे जीवण से आँखें नहीं मिला पा रहे थे। उसने सबको खरी-खरी सुना दी।

(घ) एक पागल तो हिन्दुस्तान, पाकिस्तान और पाकिस्तान के चक्कर में कुछ ऐसा गिरफ्तार हुआ कि और ज्यादा पागल हो गया। झाड़ू देते-देते वह एक दिन दरख्त पर चढ़ गया और टहनी पर बैठकर दो घंटे निरन्तर तकरीर करता रहा, जो पाकिस्तान और हिन्दुस्तान के नाजुक मसले पर थीं -» सिपाहियों ने जब उसे नीचे उतरने को कहा तो वह और ऊपर चढ़ गया। जब उसे डराया, धमकाया गया तो उसने कहा : “मैं न हिन्दुस्तान में रहना चाहता हूँ, न पाकिस्तान में मैं इस दरख्त पर ही रहूँगा ।' बड़ी देर बाद जब उसको दौरा सर्द पड़ा तो वह नीचे उतरा और अपने हिन्दू-सिख दोस्तों से गले मिल-मिलाकर रोने लगा।

Q2.कहानी सम्बन्धी मान्यताओं के आधार पर “दीदी” कहानी की समीक्षा कीजिए।

Q3.“एक अविस्मरणीय यात्रा” में चित्रित आतंकवाद के दुष्प्रभावों की उदाहरण सहित चर्चा कीजिए।

Q4.“अपना-अपना कर्ज” कहानी की भाषाशैली को स्पष्ट कीजिए॥

Q5.“दूजौ कबीर' कहानी की मूल-संवेदना को समझाइए।

Q6.मैथिली साहित्य धारा में हरिमोहन झा के अवदान का मूल्यांकन कीजिए।

Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) डी. जयकान्तन

(ख) रघुवीर चौधरी

(ग) बचघेई कहानी की प्रतीकात्मकता

(घ) “लड्की जिसकी मैंने हत्या की' की भाषाशैली