MHD-12 · December 2021 · हिन्दी

IGNOU MHD-12 December 2021 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

भारतीय कहानी (Indian Story)

Structured previous year question paper for MHD-12, December 2021 session (Hindi medium).

Questions: 6

Verified: 26 Jul 2026

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2021

एम.एच .डी.-12 : भारतीय कहानी

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

नोट: प्रथम प्रश्न अनिवार्य है । शेष में से किन्हीं तीन ग्रश्नों के उत्तर

दीजिए /

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं क्रो की सन्दर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20

(क) पन्द्रह मिनट बीतते न बीतते बच्ची की पलकें भारी हो गईं । प्यार से उठाकर उसे पालने में डाल और किवाड़ पर चिटकनी चढ़ाकर तविटम्मा निकल पड़ी । सत्यवती उसकी एक-एक चेष्टा को विस्मय से देख रही है । सड़क पर अम्माजी उनकी प्रतीक्षा में हैं । चिढ़े या झिड़के या कुत्तों और पुलिस को दिखाकर डराएँ, धन हीनों का धनवानों को सताए बगैर काम नहीं चलता । स्त्रियाँ दो से तीन और तीन से दस होकर दूसरे टोले के एक दुमंज़िलें भवन के सिंहद्वार के सामने पहुँची है । कहानी एक बार फिर शुरू हो रही है ।

(ख) यह सच है कि इस तरीके से इतिहास में, कम-से-कम लेडेंग के बन प्रदेश के इतिहास में कभी किसी ने बाघ का शिकार नहीं किया था, यह बात कभी सुनी नहीं गयी थी । गाँव के लोगों ने भी नहीं सोचा था कि जिस तरह जंगल घेरकर हिरन साँभर को खदेड़कर मारना होता है, वही बाघ मारने का भी तरीका है । या यह भी नहीं सोचा था कि चैती शिकार के समय जंगल जिस समय विरल दिखता है, पेड़ों में कम पत्ते, डाल सब अधनंगी, [...] (this portion is being re-verified) भरा जंगल भी उसी तरह का लगेगा । उन लोगों ने इस बारे में जरा भी नहीं सोचा

(ग) थोड़ी देर बाद एक तीसरी आवाज़ उभरी । गले में पहने हुए आभूषणों सी आवाज़ । तीनों आवाज़ें मिलकर एक हो गई, तो एक हाथ जीवण की छाती पर आ पड़ा । वह हाथ आक्रामक नहीं, गले के हार की तरह आकर्षक था । जीवन ने सोचा, कहीं संकोच के कारण तो यह हाथ जड़ नहीं हो गया है ? और उस हाथ को कुशलतापूर्वक उसने दबा लिया । करवट बदलकर उस हाथ का अनुसरण करना चाहती देह को उसने काबू में कर लिया । मचान भार से टूटा नहीं, रहस्य खुल गया । दूसरे हाथ में गंडासा देखकर उसे कोई संदेह नहीं रहा ।

(3) पाकिस्तान और हिन्दुस्तान का किस्सा शुरू हुआ तो उसने दूसरे पागलों से पूछना शुरू किया कि टोबा टेक सिंह कहाँ है; जब उसे संतोषजनक जवाब न मिला तो उसकी कुरेद दिन प्रतिदिन बढ़ती गई । अब मुलाकात भी नहीं आती थी; पहले तो उसे अपने आप पता चल जाता था कि मिलने वाले आ रहे हैं, पर अब जैसे उसके दिन की आवाज़ भी बंद हो गई थी जो उसे उनके आगमन की ख़बर दे दिया करती थी -- उसकी बड़ी इच्छा थी कि वह लोग आएँ जो उससे हमदर्दी प्रकट करते थे और उसके लिए फल, मिठाइयाँ और कपड़े लाते थे । वह आएँ तो वह उनसे पूछे कि टोबा टेक सिंह कहाँ है .. वह उसे निस्संदेह बता देंगे कि टोबा टेक सिंह पाकिस्तान में है या हिन्दुस्तान में ... ।

Q2.'प्राणधारा' कहानी के आधार पर कालीपट्नम रामा राव की सामाजिक दृष्टि पर विचार कीजिए ।

Q3.“अपने लिए शोकगीत' कहानी के सकारात्मक पक्षों की उदाहरण सहित चर्चा कीजिए |

Q4.'ूजौ कबीर कहानी की संरचना को स्पष्ट कीजिए ।

Q5.टोबा टेक सिंह कहानी में व्यक्त विभाजन की त्रासदी को रेखांकित कीजिए ।

Q6.कश्मीरी कहानी के विकास में दीनानाथ नादिम के योगदान की चर्चा कीजिए । 10

(क) हरिमोहन झा

(ख) आशापूर्णा देवी

(ग) दीदी कहानी के मनोवैज्ञानिक आयाम

(घ) ट'ट्रेडिल कहानी की संवेदना