MHD-12 · December 2019 · हिन्दी
IGNOU MHD-12 December 2019 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
भारतीय कहानी (Indian Story)
Structured previous year question paper for MHD-12, December 2019 session (Hindi medium).
Questions: 6
Verified: 26 Jul 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या ; 4 एम,एच.डी.-12
* हिंदी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम. ए, हिंदी) ६
- . सत्रांत परीक्षा
पट दिसम्बर, 2019 *
एम.एच.डी.-12 : भारतीय कहानी
समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50 :
चोट : प्रथम. प्रश्न अनिवार्य है। जषत्र मे से किन्ते कम
प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गदाशों में से किन्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए ; 2» 10520
(क)“यह कौंन लोग हैं?" तविटम्मा ने पूछा। शहरों में . जात-पाँत की बात जल्दी से पंता नहीं चल पाती। oo यहाँ बात सारी ओहदे की होती हैं। सुनते हैं कि शहर में उनकों कोई बहुत बड़ा काम: है। उनके . अपने इस्तेमाल के लिए एक और उनके परिवार बालों के इस्तेमाल क॑ लिए एक, कुल दो कारें :... उनके फस हैं। यह बताकर सत्यवती ने आगे-आगे .., . जल रही अध्याजी से पूछा, “क्यों री अम्माजी! ap, [21] , एमे-एच.डी.-12 .
(ख) अपनी मिट्टी, अपने देश के नाम पर कभी किसी ने उनका गर्व नहीं देखा है। गर्व कहने से लगता है . कि यह आदमी खुद को दूसरे से बड़ा मानता है। इस गाँव के लोगों के साथ ऐसी बात नहीं। एक बार एक पढ़े-लिखे सज्जन आए थे और सस्ते में ‘ या कि कहें मुफ्त में, उन्होंने इनसे कुछ मक्का लेने की कोशिश की थी। गाँव के मुखिया धूर्वसिंह और है कुछेक चुनिंदा लोगों के बीच उनकी खुशामद करने की मकसद से उन्होंने कहा था, “धौलि शिलालेख में सम्राट अशोक जिन कुछ अनजान लोगों की । कथा लिखवा गए, उनमें जरूर तुम्हारे पुरखे भी थे, वे महावीर योद्धा थे। अशोक ने कलिंग देश को { } जीतकर कब्जे में जरूर ले लिया था, जंगलों FS । रहने वाले उन वीरों को वे नहीं जीत सके थे। j हारकर पीछे लौट गए। इसीलिए अपनी बातें , . लिखवाते समय पत्थरों पर खोदकर उन्होंने लिखवाया-अविजित नाम।”
(ग) वह अलाव के पास से उठ खड़ा हुआ। चरनी में से सूखी लकड़ी लेने चला गया। जेट भर कर उठा लाया। अलाव भभकने लगा। आग की लपएें t आँखों की भंवों की ऊँचाई तक पहुँच रही थीं। . “i लेकिन इन लपटों में भी गरमी क्यों नहीं है? उसे , लगा, शायद बर्फ पड़ने वाली है। जरा देर भी हाथ - अलाव से दूर रह जाता तो उसे लगता है कि उंगलियों के पोर जल रहे हैं। यह बर्फ पड़ने की
(घ) पागलों को लारियों से निकालना और उनको दूसरे अफसरों के हवाले करना बड़ा कठिन काम था; बाज् तो बाहर निकलंते ही नहीं थे, जो निकलने ः पर राजी होते थे, उनको सम्भालना मुश्किल हो जाता था, क्योंकि वह इधर-उंधर भाग उठते थे; . जो नंगे थे, उनको कपड़े पहनाए जाते तो वह उन्हें WSR अपने तन से जुद्य कर देते। कोई गालियाँ बक रहा है कोई गा रहा है कुछ आपस में | झगड् रहे हैं कुछ रो रहे हैं, बिलख रहे . हैं--कान पड़ी आवाज सुनाई नहीं देती थी-पागल औरतों का शोरगुल अलग था, और सर्दी इतनी कडाके की थी कि दाँत से दाँत बज रहे थे।
Q2.'असमिया” कहानी के विकास में इंदिश गोस्वामी की "ला े भूमिका पर प्रकाश डालिए॥ 10 . 3. “प्राणधारा' कहानी की कथावस्तु का विश्लेषण कीजिए।
Q4.“अपने लिए शोकगीत' कहानी के चरित्रों की विशेषताओं पर प्रकाश डालिए।
Q5.आधुनिक भावबोध के सन्दर्भ में 'चिता' कहानी का विश्लेषण कीजिए। _ ः
Q6.“पाँच-पत्र' कहानी का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए।
Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं वोः पर टिप्पणी कीजिए :
(क)'टोबा टेक सिंह' कहानी का मंतव्य
(ख) दीनानाथ नादिम
(ग) गोपीनाथ महंति
(घ) एम. टी. वासुदेवन नायर 7 एम.एच.डी.-12 _ a 8,000