MHD-11 · June 2025 · हिन्दी

IGNOU MHD-11 June 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिंदी कहानी (Hindi Story)

Structured previous year question paper for MHD-11, June 2025 session (Hindi medium).

Questions: 7

Verified: 26 Jul 2026

स्नातकोत्तर उपाधि कार्यक्रम (एम. ए. हिन्दी)

(एम.एच.डी.)

सत्रांत परीक्षा

जून, 2025

एम.एच.डी.-11 : हिन्दी कहानी

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

नोट; प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर

दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20

(क) हिरामन हँसा! Cafe. लाली-लाली डोलिया। दुलहिनिया पान खाती है, दुलहा की पगड़ी में मुँह पोंछती है। ओ दुलहिनिया, तेगछिया गाँव के बच्चों को याद रखना। लौटती बेर गुड़ या लड्डू लेती आइयो। लाख बरिस तेरा दुलहा जीये। -- कितने दिनों का हौसला पूरा हुआ है हिरामन का। ऐसे कितने सपने देखे हैं उसने। वह अपनी दुलहिन को लेकर लौट रहा है। हर गाँव के बच्चे तालियाँ बजाकर गा रहे हैं। हर आँगन से झाँककर देख रही हैं औरतें! मर्द लोग पूछते हैं, “कहाँ की गाड़ी है, कहाँ जायेगी ?' उसकी दुलहिन डोली का परदा थोड़ा सरकाकर देखती है। और भी कितने

(ख) हाँफते हुए लोगों में से कितनों के बबुओं की टोपी इस बार भी रह जाएगी, उसने सोचा परन्तु तभी उसने जो कुछ सुना, उसे सुनकर उसको ऐसा लगा जैसे सारा दोष अकेले उसी का हो। बड़ी झुकी कमर वाले बुजुर्ग हाँफते हुए कह रहे थे, “घोड़े के पीछे, अफसर के आगे कौन समझदार जाएगा। एक आदमी के कारण इतने लोगों का नुकसान हो गया, ऐसे लड़ने-भिड़ने को ही जवानी बना रखी हो, तो आदमी दंगल करे, अखाड़े में जाय। नौकरी में तो नौकर की तरह ही रहना चाहिए।”

(ग) गनी ने देखा कि पहलवान के होंठ सूख रहे हैं और उसकी आँखों के इर्द-गिर्द दायरे गहरे हो गये हैं। वह उसके कन्धे पर हाथ रखकर बोला, “जो होना था, हो गया रक्खिया। उसे अब कोई लौटा थोड़े ही सकता है। खुदा नेक की नेकी बनाये रखे और बद की बदी माफ करे। मैंने आकर तुम लोगों को देख लिया, सो समझूँगा कि चिराग को देख लिया। अल्लाह तुम्हें सेहतमंद रखे।” और वह छड़ी के सहारे उठ खड़ा हुआ। चलते हुए उसे कहा, “अच्छा, रक्खे पहलवान।”

(घ) मेरी आँखों में आँखें डालकर उसने कहना शुरू किया, “जो आदमी आत्मा की आवाज कभी-कभी सुन लिया करता है और उसे बयान करके उससे छुट्टी पा लेता है, वह लेखक हो जाता है। आत्मा की आवाज जो लगातार सुनता है, और कहता कुछ नहीं है, वह भोला-भाला सीधा-सादा बेवकूफ है। जो उसकी आवाज बहुत ज्यादा सुना करता है और वैसा करने लगता है, वह समाज विरोधी तत्वों में यों ही शामिल हो जाया करता है। लेकिन जो आदमी आत्मा की आवाज जरूरत से ज्यादा सुन करके हमेशा बेचैन रहा करता है और उस बेचैनी में भीतर के हुक्म का पालन करता है, वह निहायत पागल है। पुराने जमाने में सन्त हो सकता था।

Q2.“राजा निरबंसिया' कहानी की मूल-संवेदना को स्पष्ट

Q3.“हंसा जाई अकेला' कहानी के पात्र 'हंसा' का चरित्र-चित्रण

Q4.“गौरैया' कहानी में अभिव्यक्त समस्या पर विस्तार से चर्चा

Q5.“बोलने वाली औरत' कहानी की स्त्री-दृष्टि को रेखांकित

Q6."सिलिया” कहानी के माध्यम से दलित साहित्य के सौन्दर्यशास्त्र को स्पष्ट कीजिए।

Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) 'बिरादरी ' कहानी की भाषाशैली

(ख) “ड्राइंग रूम' कहानी का जीवनदर्शन

(ग) “स्विमिंग पूल' कहानी का कथ्य

(घ) “डिप्टी कलक्टरी' कहानी की मध्यवर्गीय विवशता।