MHD-11 · December 2023 · हिन्दी
IGNOU MHD-11 December 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
हिंदी कहानी (Hindi Story)
Structured previous year question paper for MHD-11, December 2023 session (Hindi medium).
Questions: 7
Verified: 26 Jul 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 MHD-11
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि ( एम. ए. हिन्दी )
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2023
एम.एच.डी.-11 : हिन्दी कहानी
समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50
नोट : प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं तीन
प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए ; 2x10=20
(क) भूमि पर से थोड़ी मिट्टी उठाकर वह नल की ओर चल दिया। पिछले तीन-चार महीनों की नौकरी में आज पहली बार मिट्टी से हाथ धो रहा था। भुरभुरी मिट्टी को पानी के साथ लगाकर उसने हाथों में मला, और फिर दोनों हाथ नल के नीचे लगा दिए। पानी के साथ मिट्टी की पहली पर्त भी बह चली। दूसरी बार मिट्टी लगाने से पहले उसने हाथों को सूँघा और अनुभव किया कि हाथों की गंध मिट चुकी है। सहसा एक विचित्र आतंक से उसका समूचा शरीर सिहर उठा। उसे लगा आज वह भी घासी की तरह इस बदबू का आदी हो गया है। उसने चाहा कि वह एक बार फिर हाथों को सूँच ले। लेकिन उसका साहस न हुआ मगर फिर बड़ी मुश्किल से वह धीरे-धीरे दोनों हाथों को नाक तक ले गया और इस बार उसके हर्ष की सीमा न रही।
(ख)जले हुए किवाड़ का वह चौखट मलबे में से सिर निकाले साढ़े सात साल खड़ा तो रहा था, पर उसकी लकड़ी बुरी तरह भुरभुरा गयी थी। गनी के सिर के छूने से उसक कई रेशे झड़कर आसपास बिखर गये। कुछ रेशे गनी की टोपी और बालों पर आ रहे थे। उन रेशों के साथ एक केंचुआ भी नीचे गिरा जो गनी के पैर से छः आठ इंच दूर नाली के साथ-साथ बनी ईटों की पटरी पर इधर-उधर सरसराने लगा। वह छिपने के लिए सुराख ढूँढता रहा। जरा सा सिर उठाता, पर कोई जगह न पाकर दो-एक बार सिर पटकने के बाद दूसरी तरफ मुड़ जाता।
(ग) यह कौन शख्स है, जो मुझसे इस तरह बात कर रहा है ? लगा कि मैं सचमुच इस दुनिया में नहीं रह रहा हूँ, उससे कोई दो सौ मील ऊपर आ गया हूँ जहाँ आकाश, चाँद-तारे, सूरज सभी दिखायी देते हैं। रॉकेट उड़ रहे हैं। आते हैं, जाते हैं और पृथ्वी एक चौड़े नीले गोल जगत् सी दिखायी दे रही हे, जहाँ हम किसी एक देश के नहीं हैं, सभी देशों के हैं। मन में एक भयानक उद्देगपूर्ण भारहीन चंचलता है। कुल मिलाकर, पल भर यही हालत रही। लेकिन वह पल बहुत ही घनघोर था। भयावह और संदिग्ध!
(घ)दोस्तों ने घोषणा कर दी, राजदेव कौ राजनीति बीवी के पेटीकोट में घुस गई। उन्हें विश्वास हो गया कि राजदेव की राजनीतिक मृत्यु हो चुकी है और वह जोरू की गुलामी में जीवनयापन करेगा। लेकिन परिवार के लोग प्रसन्न थे कि लड़का रास्ते पर आ रहा है। भाभी मुस्करातीं कि लालाजी अब मेरी गोद में नहीं लढ़केंगे, जुआँ खोजवाने को। वह उदास हो जातीं कि लालाजी पूरे चौदह बरस कैसी बेरुखी बरते हैं। कहाँ हरदम छुछवाते रहते थे और कहाँ चौदह बरस बोले नहीं लेकिन वह सहर्ष संतुष्ट थी कि लालाजी की जिन्दगी अब सुधर रही है।
Q2.'हंसा जाई अकेला' की मूल-संवेदना को स्पष्ट
Q3.“एक जीता-जागता व्यक्ति” कहानी चिड़िया के माध्यम से व्यक्ति की मनोदशा को व्यक्त करती है। इसे स्पष्ट करते हुए कहानी की मूल-संवेदना पर विचार
Q4.“डिप्टी कलक्टरी' कहानी निम्न मध्यवर्गीय जीवन की पीड़ा की कहानी है। स्पष्ट कीजिए।
Q5.“बोलने वाली औरत' में निहित स्त्री-संवेदना को विश्लेषित कीजिए।
Q6.“राजा निरबंसिया' कहानी कौ भाषा पर विचार
Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) तीसरी कसम की संवेदना
(ख) काशीनाथ सिंह की कहानी 'सुख' का प्रतिपाद्य
(ग) “तलाश' कहानी के 'रामसिंह' का चरित्र
(घ) नई कहानी आंदोलन