MHD-11 · December 2021 · हिन्दी
IGNOU MHD-11 December 2021 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
हिंदी कहानी (Hindi Story)
Structured previous year question paper for MHD-11, December 2021 session (Hindi medium).
Questions: 6
Verified: 26 Jul 2026
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2021
एम.एच .डी.-11 : हिन्दी कहानी
समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50
we: ग्रथम प्रश्न अनिवार्य है / शेष ग्ररनों में से किन्हीं तीन अरनों के
उत्तर दीजिए /
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं क्रो की सन्दर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20
(क) इस घटना के बाद कुछ लोगों की दबी-दबी सहानुभूति पा जाने पर उसे ऐसा अनुभव हुआ जैसे किसी अआँधेरे बंद तहखाने में प्रकाश की हल्की किरण का आसरा उसे मिल गया हो । पर सभी कामगारों की आँखों में सहानुभूति का यह भाव नहीं था । अनेक सहकर्मी इस घटना के पश्चात् उसके प्रति रूखा व्यवहार करने लगे थे और कुछ ऐसी भी आँखें थीं जिनमें अचानक ही ईर्ष्या और उपेक्षा की भावना उभर आई थी । ऐसी ही एक जोड़ा आँखें एक दिन छुट्टी के बाद मार्ग में बहुत दूर तक उसका पीछा करती रही थी । उसे ऐसा लगा जैसे साथ में चलने वाला वह व्यक्ति उससे कुछ कहने के लिए अकुला रहा हो । उन दोनों के साथ-साथ मज़दूरों का झुण्ड हाथों में थैला या टिफिन का खाली डिब्बा लटकाए चला जा रहा था ।
(ख) रक्खे ने सीधा होने की चेष्टा की क्योंकि उसकी रीढ़ की हड्डी बहुत दर्द कर रही थी । अपनी कमर और जाँघों के जोड़ पर उसे सख्त दबाव महसूस हो रहा था । पेट की अंतड़ियों के पास से जैसे कोई चीज़ उसकी साँस को रोक रही थी । उसका सारा ज़िस्म पसीने से भीग गया था और उसके तलुओं में चुनचुनाहट हो रही थी । बीच-बीच में नीली फुलझड़ियाँ-सी ऊपर से उतरती और तैरती हुई उसकी आँखों के सामने से निकल जातीं । उसे अपनी ज़बान और होठों के बीच एक फासला-सा महसूस हो रहा था । उसने अँगोछे से होठों के कोनों को साफ किया । साथ ही उसके मुँह से निकला है प्रभु, तू ही है, तू ही है, तू ही है ।'
(ग) मैं सड़क पार कर लेता हूँ । जंगली, बेमहक लेकिन खूबसूरत विदेशी फूलों के नीचे ठहर-सा जाता हूँ कि जो फूल, भीत के पास वाले अहाते की आदमक़द दीवार के ऊपर फैल, सड़क के बाजू पर बाँहें बिछाकर झुक गये हैं । पता नहीं कैसे, किस साहस से व क्यों, उसी अहाते के पास बिजली का ऊँचा खम्भा - जो पाँच-छह दिशाओं में जाने वाली सूनी सड़कों पर तारों की सीधी लकीरें भेज रहा है - मुझे दीखता है और एकाएक ख़याल आता है कि दुमंज़िला मकानों पर चढ़ने की एक ऊँची निसैनी उसी से टिकी हुई है । शायद, ऐसे मकानों की लम्ब-तड़ंग भीतों की रचना अभी भी पुराने
(घ) बारह साल की सिलिया डरी, सहमी-सी एक कोने में खड़ी थी और मामी अपनी बेटी मालती को बाल पकड़कर मार रही थी, साथ ही ज़ोर-ज़ोर से चिललाकर कहती जा रही थी, “क्यों री, तुझे नहीं मालूम, अपन वा कुएँ से पानी नहीं भर सके हैं ? क्यों चढ़ी तू वा कुआँ पर, क्यों रस्सी-बाल्टी को हाथ लगाया ?” और वाक्य पूरा होने के साथ ही दो-चार झापड़, घूँसे और बरस पड़ते मालती पर । बेचारी मालती, दोनों बाँहों में अपना मुँह छिपाए चीख़-चीख़कर रो रही थी । साथ ही कहती जा रही थी, “ओ बाई, माफ कर दो, अब ऐसा
Q2.८“ डिप्टी कलक्टरी' कहानी निम्न मध्यवर्गीय विवशताओं और संघर्ष की अभिव्यक्ति है ।' स्पष्ट कीजिए ।
Q3.“ “यही सच है नवीन संवेदना की प्रेम कहानी है ।! इस कथन पर अपने विचार व्यक्त कीजिए ।
Q4.गौरेया' कहानी के शिल्प पक्ष का विवेचन कीजिए |
Q5.हरी बिन्दी' कहानी की स्त्री दृष्टि का मूल्यांकन कीजिए ।
Q6.कुबनि भाई के चरित्र की विशेषताओं को उद्घाटित कीजिए । 10 प्र. निम्नलिखित में से किन्हीं ढ्ो पर टिप्पणियाँ लिखिए: 2x5=10
(क) एक जीता जागता आदमी कहानी का मंतव्य
(ख) अकहानी
(ग) ड्राइंग रूम! कहानी का जीवन दर्शन
(a) तीसरी क़सम कहानी में अंचल