MHD-1 · June 2019 · हिन्दी

IGNOU MHD-1 June 2019 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिंदी काव्य-1 (Hindi Poetry-1)

Structured previous year question paper for MHD-1, June 2019 session (Hindi medium).

Questions: 6

Verified: 26 Jul 2026

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)

11125 सत्रांत परीक्षा

जून, 2019

'एम.एच.डी.-1 : हिन्दी काव्य-1

(आदि काव्य, भक्ति काव्य एवं रीति काव्य)

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

qe: कुल चार अन्‍नों के उत्तर देने हैं / vera yea attra है / शेष

Weal F से किन्हीं तीन अरनों के उत्तर दीजिए /

Q1.निम्नलिखित में से किन्हीं क्षो अवतरणों की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : 9940-20

(क) जाग पियारी अब का aie | रैन गई दिन काहे को खोबै ।। जिन जागा तिन मानिक पाया । तैं बौरी सब सोय गँवाया ।। पिये तेरे चतुर तू मूरख नारी । कबहुँ न पिय की सेज सँवारी ॥

(ख) देखत भृगुपति बेषु कराला | उठे सकल भय बिकल भुआला | पितु समेत कहि कहि निज नामा । लगे करन सब दंड प्रनामा ॥॥ जेहि सुभायँ चितवहिं हितु जानी | सो जाइन जनु आइ खुटानी ॥। जनक बहोरि आइ सिरु नावा । सीय बोलाइ प्रनामु करावा ।। आसिष दीन्हि सखीं हरषानीं | निज समाज लै गईं सयानीं ।। बिस्वामित्रु मिले पुनि आई । पद सरोज मेले दोउ भाई ।।

(ग) माई साँवरे रंग राची । साज सिंगार बाँध पग घूंघर, लोकलाज तज नाची | गयाँ कुमत लयाँ साधाँ सँगत श्याम प्रीत जग साँची । गायां गायाँ हरि गुण निसदिन, काल ब्याल री बाँची । स्याम विणा जग खाराँ लागाँ, जगरी बातां काँची । मीराँ सिरि गिरधर नट नागर भगति रसीली जाँची ।।

(घ) वहै मुसक्यानि, वहै मृदु बतरानि, वहै लड़कीली बानि आनि उर मैं आरति है । वहै गति लैन औ बजावनि ललित बैन, [...] (this portion is being re-verified) , हियरा तें न टरति है । वहै चतुराई सों चिताई चाहिबे की छबि, वहै छैलताई न छिनक बिसरति है | आनंदनिधान प्रानप्रीतम सुजानजू की, सुधि सब भाँतिन सों बेसुधि करती है ।॥।

Q2.पृथ्वीराज रासो' के काव्य-रूप पर विचार कीजिए ।

Q3.कबीर की कविता की भाषागत विशेषताएँ बताइए ।

Q4.“सूर की बड़ी भारी विशेषता है नवीन प्रसंगों की उदभावना ।” इस कथन के आलोक में सूर के काव्य पर विचार कीजिए ।

Q5.मीरा के काव्य में सामंती रूढ़ियों के प्रति विद्रोह किस प्रकार प्रस्फुटित हुआ है ? सोदाहरण उत्तर दीजिए ।

Q6.मुक्तक कवि के रूप में बिहारी का महत्त्व स्पष्ट कीजिए । 70 प्र. पद्माकर की कविता की काव्यगत विशेषताएँ बताइए |