BHDC-134 · December 2024 · हिन्दी
IGNOU BHDC-134 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-134
Structured previous year question paper for BHDC-134, December 2024 session (Hindi medium).
Questions: 8
Verified: 10 Aug 2026
स्नातक उपाधि कार्यक्रम
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2024
बी.एच.डी.सी.-134 : हिन्दी गद्य साहित्य
समय / 3 घण्टे अधिकवम अक : 100
नोट ; प्रथम अरन आनिवार्य है। शेष में से किन्हीं चार
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x18=36 (अ) पंडित अलोपीदीन का लक्ष्मीजी पर अखंड विश्वास था। वह कहा करते थे कि संसार का तो कहना ही क्या, स्वर्ग में भी लक्ष्मी का ही राज्य है। उनका यह कहना यथार्थ ही था। न्याय और नीति सब लक्ष्मी के ही खिलौने हैं, इन्हें वह जैसे चाहती हैं नचाती हेैं। लेटे ही लेटे गर्व से बोले, चलो हम आते हैं। यह कहकर पंडितजी ने बड़ी निश्चिंतता से पान के बीडे लगाकर खाए। (ब) पिता इसी मणिभद्र के यहाँ प्रहही का काम करते थे। माता का देहावसान हो जाने पर मैं भी पिता के साथ नाव पर ही रहने लगी। आठ बरस से समुद्र ही मेरा घर है। तुम्हारे आक्रमण के समय मेरे पिता ने ही सात दस्युओं को मारकर जल समाधि ली। एक मास हुआ, मैं इस नील नभ के नीचे, नील जलनिधि के ऊपर, एक भयानक अनन्तता में निस्सहाय हूँ, अनाथ हूँ। मणिभद्र ने मुझसे एक दिन घृणित प्रस्ताव किया। मैंने उसे गालियाँ gael set दिन से बंदी बना दी गई। (स) कुटज क्या केवल जी रहा है। वह दूसरे के द्वार पर भीख माँगने नहीं जाता, कोई निकट आ गया तो भय अधमरा नहीं हो जाता, नीति और धर्म का उपदेश नहीं देता फिरता, अपनी उन्नति के लिए अफसरों का जूता नहीं चाटता फिरता, दूसरों को अवमानित करने के लिए ग्रहों की खुशामद नहीं करता। आत्मोन्नति हेतु नीलम नहीं धारण करता, अँगूठियों की लड़ी नहीं पहनता, दाँत नहीं निपोरता, बगलें नहीं झाँकता। जीता है और शान से जीता है--काहे वास्ते, किस उद्देश्य से ? (द) मेरे प्रिय बंधु इससे ज्यादा जानने के न तो तुम अधिकारी हो और न इसकी आवश्यकता है, तो भी तुम्हारी जिज्ञासा शांत करने के लिए बताए देता हूँ, सुन लो, यह नृत्य तरंगयित देह वाली प्रभा-भास्वर छोकरी और कोई नहीं वस्तुतः मेरे हृदय में छिपे वज्॒ का ही रूपांतर है। मेरे हृदय में छिपा हुआ निर्मल स्फटिक वर्ण संयम का जो वज्र है, वही मणिपुर के इस संदर्भ लोक में आकर सौम्यकांत तनुधारण करके मेरे सम्मुख उपस्थित हो गया था।
Q2.हिन्दी गद्य के विकास के कारणों की चर्चा कीजिए।
Q3.निबंध का स्वरूप स्पष्ट करते हुए उसके तत्वों का परिचय दीजिए।
Q4.“मृणाल' की चारित्रिक विशेषताएँ बताइए।
Q5.“आकाशदीप' कहानी के संरचना-शिल्प पर विचार
Q6.आचार्य रामचंद्र शुक्ल के निबंधों की विशेषताएँ बताइए।
Q7.“कुटज' के विचार-पक्ष का उदाहरण सहित विवेचन
Q8.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए : (अ) 'त्याग-पत्र' का परिवेश (ब) 'वापसी' कहानी की शैली (स) 'कुटज' का सार (द) “नमक का दारोगा' कहानी के सहयोगी पात्र