MHD-11 · June 2023 · हिन्दी
IGNOU MHD-11 June 2023 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
हिंदी कहानी (Hindi Story)
Structured previous year question paper for MHD-11, June 2023 session (Hindi medium).
Questions: 7
Verified: 26 Jul 2026
कुल मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 4 MHD-11
हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम. ए. हिन्दी )
सत्रांत परीक्षा
जून, 2023
एम.एच.डी.-11 : हिन्दी कहानी
समय :2 घण्टे अधिकतम अंक : 50
नोट : 6) प्रथम प्रश्न अनिवार्य है।
(४) शेष में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन््हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2910-20
(क) एक तो पीठ में गुदगुदी लग रही है। दूसरे रह-रहकर चम्पा का फूल खिल जाता है उसकी गाड़ी में। बैलों को डाँटो तो 'इस-बिस' करने लगती है उसकी सवारी। " उसकी सवारी ! औरत अकेली, तम्बाकू बेचने वाली बूढ़ी नहीं! आवाज सुनने के बाद वह बार-बार मुड़कर टप्पर में एक नजर डाल देता है, अंगोछे से पीठ झाड़ता है! भगवान जाने क्या लिखा है इस बार उसकी किस्मत में! गाड़ी जब पूरब की ओर मुड़ी, एक टुकड़ा चाँदनी उसकी गाड़ी में समा गयी। सवारी की नाक पर एक जुगनू जगमगा उठा।
(ख) कॉलेज के दिनों से मैं कम्युनिस्ट पार्टी का कार्ड-होल्डर था और त्रिपाठी ने बताया था कि वह सोशलिस्ट पार्टी का सक्रिय सदस्य था। सरकारी नौकरी में आने से पहले त्रिपाठी सोशलिस्ट पार्टी के एक अखबार का सम्पादक था और जन-सभाओं में आग उगला करता था। कहा जाता है कि उसके बढ़ते हुए प्रभाव को देखकर तत्कालीन मुख्यमन्त्री ने उसे पालतू बना लिया और उसके गले में सरकारी तौक पड़ गया। अब हम दोनों सरकारी नौकर थे।
(ग) सिर्फ एक दुबला-पतला बुड्ढा मुसलमान ही उस [...] (this portion is being re-verified) में आया और वहाँ की नयी और जली हुई इमारतों को देखकर जसे भूलभुलैया में पड़ गया। बायीं तरफ जाने वाली गली के पास पहुँचकर उसके पैर अन्दर मुड़ने को हुए, मगर फिर वह हिचकिचाकर वहाँ बाहर ही खड़ा रह गया। जैसे उसे विश्वास नहीं हुआ कि वह वही गली है जिसमें वह जाना चाहता है। गली में एक तरफ कुछ बच्चे कीड़ी-कीड़ी खेल रहे थे और कुछ फासले पर दो स्त्रियाँ ऊँची आवाज में चीखती हुईं एक-दूसरे को गालियाँ दे रही थीं।
(घ) “और फिर दूसरों की दया पर सम्मान ? अपने निजत्व को खोकर दूसरों के शतरंज का मोहरा बनकर रह जाना, बैसाखियों पर चलते हुए जीना--नहीं कभी नहीं! सिलिया सोचती 'हम क्या इतने भी लाचार हैं, आत्म-सम्मान रहित हं, हमारा अपना भी तो कुछ अहं भाव है। उन्हें हमारी जरूरत है, हमको उनकी जरूरत नहीं। हम उनके भरोसे क्यों रहें। पढ़ाई करूँगी, पढ़ती रहूँगी, शिक्षा के साथ अपने व्यक्तित्व को भी बडा बनाऊँगी। उन सभी परम्पराओं के कारणों का पता लगाऊँगी, जिन्होंने उन्हें अछूत बना दिया। विद्या, बुद्धि और विवेक से अपने आपको ऊँचा सिद्ध करके रहूँगी।
Q2.“डिप्टी कलक्टरी' कहानी की मूल संवेदना को स्पष्ट कीजिए।
Q3.“यही सच है' कहानी की पात्र दीपा का चरित्र-चित्रण कीजिए।
Q4.मुक्तिबोध को कहानी 'क्लॉड ईथरली' में निहित फैंटेसी शिल्प को विश्लेषित कीजिए।
Q5.“हरी बिन्दी' कहानी की च्त्री-दृष्टि को रेखांकित कीजिए।
Q6.“पार्टशन' कहानी की भाषा पर विचार कीजिए।
Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(क) 'गौरेया' कहानी का मूल भाव
(ख) कमलेश्वर का कथा शिल्प
(ग) “एक जीता-जागता व्यक्ति' कहानी के पात्र
(a) “तलाश' कहानी की मूल संवेदना