MHD-11 · June 2022 · हिन्दी

IGNOU MHD-11 June 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिंदी कहानी (Hindi Story)

Structured previous year question paper for MHD-11, June 2022 session (Hindi medium).

Questions: 7

Verified: 26 Jul 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 6 MHD-11

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम. ए. हिन्दी )

सत्रांत परीक्षा

जून, 2022

एम.एच.डी.-11 : हिन्दी कहानी

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

नोट : प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं तीन प्रश्नों

के उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 1022-20

(क)बाहरी पंक्ति के परले सिरे पर फोरमैन चिल्ला-चिल्लाकर लोगों को अपने डिब्बे-थैले खोलकर दिखाने का आदेश दे रहा था। उसकी बारी आ गई थी। फोरमैन ने स्वयं डिब्बा-थेला हाथों में लेकर देखा। असन्तोष के कारण उसका मुँह फीका पड़ गया। सिपाही को सबकी जेबें ट्टोलने का उसने आदेश दिया। उसकी जेबें भी स्वयं फोरमैन ने टटोलीं, परन्तु फोरमैन के चेहरे पर फिर निराशा छा गयी। जाते-जाते उसने फोरमैन की ओर देखा, फोरमैन ने आँखें भूमि की ओर झुका ली थीं। गर्व से छाती उठाकर वह बड़े गेट की ओर चल दिया।

(ख)कॉलेज के दिनों में मैं कम्युनिस्ट पार्टी का कार्ड-होल्डर था और त्रिपाठी ने बताया था कि वह सोशलिस्ट पार्टी का सक्रिय सदस्य om सरकारी नौकरी में आने से पहले त्रिपाठी सोशलिस्ट पार्टी के एक अखबार का सम्पादक था और जन-सभाओं में आग उगला करता था। कहा जाता है कि उसके बढ़ते प्रभाव को देखकर तत्कालीन मुख्यमंत्री ने उसे एक दिन पालतू बना लिया और उसके गले में सरकारी तौक पड़ गया। अब हम दोनों सरकारी नौकर थे। दोनों के मुँह पर ताले पड़े थे लेकिन दिल पर किसका ताला हो सकता था ? बहस-मुहाबसे में अब भी हम अक्सर नाराज होते थे और इस बात की गहरी चिन्ता थी कि देश की प्रगतिशील ताकतें दिन-ब-दिन कमजोर होतो जा

(ग) 'छोड़ो ! तो मतलब यह है कि अगर उनकी संस्कृति हमारी संस्कृति है, उनकी आत्मा हमारी आत्मा और उनका संकट हमारा संकट हे-जेसा कि सिद्ध है कि हे-जरा पढ़ो अखबार, करो बातचीत अँगरे जीदाँ फरांटेबाज लोगों से-तो हमारे यहाँ भी हिरोशिमा पर बम गिराने वाला विमानचालक क्‍यों नहीं हो सकता और हमारे यहाँ भी साम्राज्यवादी, युद्धवादी लोग क्‍यों नहीं हो सकते ! मुख्तसर किस्सा यह है कि हिन्दुस्तान भी अमरीका ही है।' मुझे पसीना छूटने लगा। फिर भी, मन यह स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं था कि भारत अमेरिका ही है।

(घ) और फिर दूसरों की दया पर सम्मान ? अपने निजत्व को खोकर दूसरों के शतरंज का मोहरा बनकर रह जाना, बैसाखियों पर चलते हुए जीना--नहीं, कभी नहीं। सिलिया सोचती-हम क्‍या इतने भी लाचार हैं, आत्मसम्मान रहित हैं, हमारा अपना भी तो कुछ अहं भाव है। उन्हें हमारी जरूरत है, हमको उनकी जरूरत नहीं। हम उनके भरोसे क्‍यों रहें। पढ़ाई करूँगी, पढ़ती रहूँगी, शिक्षा के साथ अपने व्यक्तित्व को भी बड़ा बनाऊँगी। उन सभी परम्पराओं के कारणों का पता लगाऊँगी, जिन्होंने उसे अछत बना दिया है। विद्या, बुद्धि और विवेक से अपने आप को ऊँचा सिद्ध करके रहूँगी।

Q2.“नयी कहानी! आन्दोलन में फणीश्वरनाथ रेणु के योगदान को रेखांकित कीजिए।

Q3.“मलबे का मालिक' कहानी की विषयवस्तु पर प्रकाश डालिए।

Q4.“ड्रॉइंग रूम” कहानी में मध्यवर्गीय जीवन की विडम्बनाएँ चित्रित की गई हैं।! इस कथन के आधार पर कहानी का मूल्यांकन कीजिए।

Q5.“बोलने वाली औरत' कहानी के शीर्षक की सार्थकता पर विचार करते हुए दीपशिखा के चरित्र की विशेषताएँ बताइए।

Q6.“स्विमिंग पूल' कहानी का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।

Q7.निम्नलिखित म॑ से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) कुर्बान भाई का व्यक्तित्व

(ख)“तीसरी कसम' की ग्राम संवेदना

(ग) सचेतन कहानी

(घ) 'सुख' कहानी का मूल भाव