MHD-11 · June 2018 · हिन्दी

IGNOU MHD-11 June 2018 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिंदी कहानी (Hindi Story)

Structured previous year question paper for MHD-11, June 2018 session (Hindi medium).

Questions: 7 · Sections: 1

Verified: 26 Jul 2026

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि (एम.ए. हिन्दी)

छाछता>6प सत्रांत परीक्षा

जून, 2018 ह

एम.एच.डी.-11 : हिन्दी कहानी

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

नोट: . प्रथम प्रन्‍न अनिवार्य है / शेष अरनें में से किन्हीं तीन अरनों के

उत्तर दीजिए ।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्‍्हीं क्रो की सन्दर्भ-सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20

(क) हिरामन का बहुत प्रिय गीत है यह । महुआ घटवारिन गाते समय उसके सामने सावन-भादों की नदी उमड़ने लगती है; अमावस्या की रात और घने बादलों में रह-रहकर बिजली चमक उठती है । उसी चमक में ह लहरों से लड़ती हुई बारी-कुमारी महुआ की झलक उसे मिल जाती है । सफरी मछली की चाल और तेज़ हो . - जाती है । उसको लगता है, वह ख़ुद सौदागर का नौकर है । महुआ कोई बात नहीं सुनती । परतीत करती नहीं । उलटकर देखती भी नहीं | और वह थक गया

(ख) जिस बात की उसे आशंका थी वही हुआ । शायद रात की सारी रिपोर्ट चीफ साहब के पास पहुँच गयी थी । चपरासी ने साहब के कमरे का द्वार खोलकर उसे उनके : सामने पहुँचा दिया, फिर द्वार पूर्ववत बन्द हो गया । साहब ने अपने हाथों से स्टूल उठाकर उसके बैठने के लिए आगे बढ़ा दिया और नर्मी से बोले, “हम तुम्हारी भलाई के लिए ही कह रहे हैं । ज़माना बुरा है । बाल-बच्चों वाले आदमी को ऐसी बातों में नहीं पड़ना

(ग) पर संजय को कैसे समझाऊँ यह सब ? कैसे उसे बताऊँ कि निशीथ ने मेरा अपमान किया है, ऐसा अपमान, जिसकी कचोट से मैं आज भी तिलमिला रही हूँ । - सम्बन्ध तोड़ने से पहले. एक बार तो उसने मुझे बताया होता कि आख़िर मैंने ऐसा कौन-सा अपराध कर डाला था, जिसके कारण उसने मुझे इतना कठोर दण्ड दे डाला । सारी दुनिया की भर्त्सना, तिरस्कार, परिहास और दशा का विष मुझे पीना पड़ा... विश्वासघाती ! नीच कहीं का ! ... और संजय सोचता है कि आज भी मेरे मन में उसके लिए कोई कोमल स्थान है ! छि: ! मैं उससे नफ़रत करती हूँ ! और सच पूछो तो अपने को

भाग्यशालिनी समझती हूँ कि मैं एक ऐसे व्यक्ति के

चंगुल में फँसने से बच गई, जिसके लिए प्रेम एक महज

खिलवाड़ है ।

(a) अगली सुबह सावित्री घर में नहीं थी और राजदेव को

लग रहा था, हथेली के वे आँसू सूखे नहीं हैं । वह

जगह अभी भी भीगी हुई है । वह बार-बार उस स्थान

को अपनी आँखों से स्पर्श कराता और भावुक हो

जाता । अपने बाल नोंचता और फुसफुसाता, "मैं

पापी ... मैं पापी... । वह अपने कमरे में घुसता तो

सूना महसूस करता । हालाँकि सभी कुछ उसी तरह था,

केवल एक बकसा नहीं था पर लगता ऐसा था कि कमरे

की छत कुछ नीचे खिसक आई है और कोई दीवार कम

, हो गई है । वह तकिए में मुँह छिपाकर लेट गया ।

Q2.तीसरी कसम का मूल्यांकन कीजिए ।

Q3.नई कहानी आन्दोलन का मूल्यांकन करते हुए उसकी प्रमुख विशेषताओं को रेखांकित कीजिए ।

Q4.हंसा जाई अकेला' का प्रतिपाद्य स्पष्ट कीजिए ।

Q5.. बहिर्गमन! की अन्तर्वस्तु को taifea Arc |

Q6.एक जीता-जागता व्यक्ति के कथ्य और शिल्प का विवेचन कीजिए ।

Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :.. 96570

(क) कथाकार अखिलेश

(ख) दलित सौन्दर्यशास्त्र और 'सिलिया'

(ग) साठोत्तरी कहानी

(a) राजा निरबंसिया' का कथ्य