MHD-11 · December 2025 · हिन्दी

IGNOU MHD-11 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिंदी कहानी (Hindi Story)

Structured previous year question paper for MHD-11, December 2025 session (Hindi medium).

Questions: 6

Verified: 26 Jul 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 5 MHD-11

हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि [एम.ए. (हिन्दी)]

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2025

एम.एच.डी.-11 : हिन्दी कहानी

समय : 2 घण्टे अधिकतम अंक : 50

नोट:

(6) प्रथम प्रश्न अनिवार्य है।

(४४) शैष में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2x10=20

(क) अंत में वह साँस रोककर धीरे-धीरे इस तरह उठने लगे, जैसे कोई चीज खोजने आए थे, लेकिन उसमें असफल होकर चुपचाप वापस लौट रहे हों। खड़े होते समय वे अपना सिर नारायण के मुख के निकट ले गए और उन्होंने नारायण को आँखें फाड़-फाड़कर गौर से देखा। उसकी आँखें बन्द थीं और वह चुपचाप पड़ा हुआ था, लेकिन किसी प्रकार की आहट या किसी प्रकार का शब्द नहीं सुनाई दे रहा था। शकलदीप बाबू एकदम डर गए और उन्होंने काँपते हृदय से अपना बायाँ कान नारायण के मुख के बिल्कुल नजदीक कर दिया। और उस समय उनकी खुशी का कोई ठिकाना न रहा, जब उन्होंने अपने लड़के की साँस को नियमित रूप से चलते पाया।

(ख) उसे कैसे बताऊँ कि मेरे प्यार का, मेरी कोमल भावनाओं का, भविष्य की मेरी अनेकानेक योजनाओं का एकमात्र केन्द्र संजय ही है। यह बात दूसरी है कि चाँदनी रात में, किसी निर्जन स्थान में, पेड़ तले बैठकर भी मैं अपनी थीसिस की बात करती हूँ, या वह अपने ऑफिस की, मित्रों की बात करता है, या हम किसी और विषय पर बात करने लगते हैं पर इसका यह मतलब तो नहीं कि हम प्रेम नहीं करते !

(ग) टैक्सी थी। चुनाव अभियान वाली। एक तो मेरे मुँह का स्वाद कड़वा हो गया था, दूसरे सारा शोर इधर ही बढ़ता आ रहा था। चलो, अंदर ही बैठते हैं, एकाएक उठकर मैंने कहा था और हम लोग भीतर आ गए थे। वह अच्छा ही हुआ। एकाएक उस अप्रिय बहस से छुटकारा मिल गया था और चुनाव की बात चल पड़ी थी। मैंने फ्रिज खोलकर बोतल निकाली थी, बहुत सारे आइस-क्यूबूस लिए थे। और दो-एक मिनट बाद त्रिपाठी की ओर गिलास बढ़ाकर कह रहा था “हिस्की ऑन रॉक्स |”

(घ) इस हादसे ने राजदेव को छिछोरेपन की दुनिया से खींच आत्मालोचन की प्रक्रिया में डाल दिया था। उसके सम्मुख लांछना के शूल, तीर, तलवार थे जबकि वह बेबस और निहत्था था। उसने खुद को मर्माहत अनुभव किया और सुबकने लगा। आँसू थमे तो वह नूतन राजदेव था। उसे दिव्य ज्ञान हो गया था कि इस अपमान की भरपाई तभी हो सकती है जब वह कुछ बनकर दिखा दे लोगों को। उसने तय किया, वह कुछ बनकर दिखाएगा और परिवार वालों के गाल पर उल्टा झापड़ मारेगा। क्‍या बनना है, इसके बारे में उसके विचार स्पष्ट थे। वह दृढ़प्रतिज्ञ था कि उसे नेतागीरी करनी है क्योंकि उसने जान लिया था कि सुख की सर्वोत्तम मलाई राजनीति के दूध में पड़ती है।

Q2.“तीसरी कसम' कहानी के आधार पर “नयी कहानी ' की ग्राम संवेदना को स्पष्ट कीजिए।

Q3.“बिरादरी' कहानी की कथावस्तु लिखिए।

Q4.“ड्राइंग रूम” कहानी में मध्यवर्गीय जीवन की विडम्बनाओं को रेखांकित कीजिए।

Q5.“एक जीता-जागता व्यक्ति' के कथ्य शिल्प की विवेचना प्रस्तुत कीजिए ।

Q6.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) “तीसरी कसम ' का हिरामन

(ख) “राजा निरबंसिया' का शिल्प

(ग) 'हंसा जाई अकेला' कहानी का शीर्षक