MHD-11 · December 2024 · हिन्दी

IGNOU MHD-11 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

हिंदी कहानी (Hindi Story)

Structured previous year question paper for MHD-11, December 2024 session (Hindi medium).

Questions: 7

Verified: 26 Jul 2026

कुल मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 6 MHD-11

स्नातकोत्तर उपाधि कार्यक्रम (एम. ए. हिन्दी )

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2024

एम.एच.डी.-11 : हिन्दी कहानी

समय : 2 घण्टे अधिकतम अक : 50

नोट : प्रथम प्रश्न अनिवार्य है। शेष ग्शनों में से किन्‍्हीं

वीन को उत्तर दीजिए।

Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्‍्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 2210520

(क)उनकी आदत छ: साढ़े छः बजे से पहले उठने की नहीं थी। लेकिन आज उठ गए थे, तो मन अप्रसन्न नहीं हुआ। आसमान में तारे अब भी चटक दिखाई दे रहे थे और बाहर के पेड़ों को हिलाती हुई और खपडे को स्पर्श करके आँगन में न मालूम किस दिशा से आती-जाती हवा उनको आनन्दित एवं उत्साहित कर रही थी। वे पुनः मुस्करा पड़े और उन्होंने धीरे से फुसफुसाया, चलो अच्छा ही है। और अचानक उनमें न मालूम कहाँ का उत्साह आ गया। उन्होंने उसी समय ही दातौन करना शुरू कर दिया। इन कार्यों से निबटने के बाद भी अंधेरा ही रहा, तो बालटी में पानी भरा और उसे गुसलखाने में ले जाकर स्नान करने लगे।

(ख) विचित्र स्थिति मेरी हो रही थी। उसके इस अपनत्व भरे व्यवहार को मैं स्वीकार नहीं कर पाती थी, नकार भी नहीं पाती थी। सारा दिन मैं उसके साथ घूमती रही, पर काम की बात के अतिरिक्त उसने एक भी बात नहीं की। मैंने कई बार चाहा कि संजय की बात बता दूँ, पर बता नहीं सकी। सोचा, कहीं यह सब सुनकर वह दिलचस्पी लेना कम न कर दे। उसके आज-भर के प्रयत्नों से ही मुझे काफी उम्मीद हो चली थी। यह नौकरी मेरे लिए कितनी आवश्यक है, मिल आए तो संजय कितना प्रसन्‍न होगा, हमारे विवाहित जीवन के आरम्भिक दिन कितने सुख से बीतेंगे ?

(ग) बताया तो मैंने भी नहीं था। त्रिपाठी को भी नहीं। सिर्फ घर वालों को मालूम था कि साबिर की अम्मा मेरे घर दो तीन चक्कर लगा चुकी है। पहले वह उस घटना के एकाध हफ्ते बाद आई थी। कहने लगी, मुहल्ले वाले उसकी झुग्गी हटवाना चाहते हैं। मिल-जुलकर दरख्वास्त दी गई है। और कोशिशें हो रही हैं, खुदा के लिए मैं उसकी मदद करूँ। मैं क्या करता ? क्‍या मैं कानून के हाथ पकड़ लेता। वैसे भी उस दिन वाली घटना में पड़कर मैंने मुहल्ले में काफी बदनामी उठायी थी। भूट और उस जैसे दो-एक लोगों ने दबी जूबान से कहा था कि मियाँ भाई ने छोकरे को तरकीब से भगवा दिया। साफ-साफ शह दी जा रही है क्योंकि एक ही बिरादरी के हैं। कहा गया है अमां, कुछ

(घ) और फिर दूसरों की दया पर सम्मान ? अपने निजत्व को खोकर दूसरों के शतरंज का मोहरा बनकर रह जाना, बैसाखियों पर चलते हुए जीना-नहीं, कभी नहीं। सिलिया सोचती “हम क्‍या इतने भी लाचार हैं, आत्म-सम्मान रहित हैं। हमारा अपना भी तो कुछ अहं भाव है। उन्हें हमारी जरूरत है, हमको उनकी जरूरत नहीं। हम उनके भरोसे क्‍यों रहें। पढ़ाई करूँगी, पढ़ती रहूँगी। शिक्षा के साथ अपने व्यक्तित्व को भी बड़ा बनाऊँगी। उन सभी परम्पराओं के कारणों का पता लगाऊँगी, जिन्होंने उन्हें अछूत बना दिया है। विद्या, बुद्धि और विवेक से अपने आपको ऊँचा सिद्ध करके रहूँगी। किसी के सामने झुकूँगी नहीं। न ही अपमान

Q2.“ “तीसरी कसम” कहानी ग्राम संवेदना और आंचलिकता की महत्त्वपूर्ण कहानी है।” इस कथन को स्पष्ट

Q3.“हंसा जाई अकेला' कहानी के प्रमुख पात्र 'हंसा' के व्यक्तित्व की विशेषताएँ बताइए।

Q4.“गौरेया' कहानी के शिल्प को स्पष्ट कीजिए।

Q5.ज्ञानरंजज की कहानी ‘safes’ at sare पर प्रकाश डालिए।

Q6.'क्लॉड ईथरली' के पात्रों के सामाजिक बोध को रेखांकित कीजिए।॥

Q7.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(ख) नई कहानी

(ग) 'तलाश' कहानी के शीर्षक की सार्थकता

(घ) 'डिप्टी कलक्टरी' में मोहभंग और निराशा