MHD-11 · December 2022 · हिन्दी
IGNOU MHD-11 December 2022 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
हिंदी कहानी (Hindi Story)
Structured previous year question paper for MHD-11, December 2022 session (Hindi medium).
Questions: 7
Verified: 26 Jul 2026
एम. ए. (हिन्दी ) हिन्दी में स्नातकोत्तर उपाधि
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2022
एम. एच. डी.-11 : हिन्दी कहानी
समय : 2 घण्टे अधिकतम अक : 50
नोट ८; प्रथम ग्रश्न अनिवार्य हैं। शेष में से किनन््हीं तीन ग्रश्नों
को उत्तर दीजिए।
Q1.निम्नलिखित गद्यांशों में से किन्हीं दो की सन्दर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 10x2=20
(क) वह धीरे से चोर की भाँति पैरों को दबाकर कमरे के अन्दर दाखिल हुए। उनके चेहरे पर अस्वाभाविक विश्वास की मुस्कराहट थिरक रही थी। वे मेज के पास पहुँचकर चुपचाप खड़े हो गए और अमभ्धेरे में ही किताब उलटने-पुलटने लगे। लगभग डेढ़-दो मिनट तक वहीं उसी तरह खड़े रहने पर वे सराहनीय फुर्ती से घूमकर नीचे बैठ गए और खिसककर चारपाई के पास चले गए। और चारपाई के नीचे झांक-झांककर देखने लगे, जैसे कोई चीज खोज रहे हों। तत्पश्चात् पास में रखी नारायण की चप्पल को उठा लिया और एक-दो क्षण उसको उलटने-पुलटने के पश्चात् उसको धीरे से वहीं रख दिया। अन्त में वह साँस रोककर धीरे-धीरे इस तरह उठने लगे, जैसे कोई चीज खोजने आए थे, लेकिन उसमें असफल होकर चुपचाप वापस लौट रहे हों।
(ख) आँसू भरी आँखों से मैं प्लेटफॉर्म को पीछे छोड़ता हुआ देखती हूँ। सारी आकृतियाँ धुंधली-सी दिखाई देती हैं। असंख्य हिलते हुए हाथों के बीच निशीथ के हाथ को, उस हाथ को, जिसने मेरा हाथ पकड़ा था, ढूँढने का असफल-सा प्रयास करती हूँ। गाड़ी प्लेटफॉर्म को पार कर जाती है, और दूर-दूर तक कलकत्ता की जगमगाती बत्तियाँ दिखाई देती हैं। धीरे-धीरे वे सब भी दूर हो जाती हैं, पीछे छूटती जाती हैं। मुझे लगता है, यह दैत्याकार ट्रेन मुझे मेरे अपने घर से कहीं बहुत दूर ले जा रही है।-अनदेखी, अनजानी राहों में गुमराह करने के लिए, भटकाने के लिए॥
(ग) रक््खे ने सीधा होने की चेष्टा की क्योंकि उसकी रीढ़ की हड्डी बहुत दर्द कर रही थी। अपनी कमर और जांघों के जोड़ पर उसे सख्त दबाव महसूस हो रहा था। पेट की अंतडियों के पास से जैसे कोई चीज उसकी साँस को रोक रही थी। उसका सारा जिस्म पसीने से भीग गया था और उसके तलुओं में चुनचुनाहट हो रही थी। बीच-बीच में नीली फुलझड़्याँ-सी ऊपर से उतरती और तैरती हुई उसकी आँखों के सामने से निकल जातीं। उसे अपनी जबान और होठों के बीच एक फासला-सा महसूस हो रहा था। उसने अंगोछे से होठों के कोनों को साफ किया। साथ ही उसके मुँह से निकला--हे प्रभु, तू ही है, तू ही हे, तू ही है।”
(घ) वह हँसा, कितना सरल है खुश करना। ऐसे ही अगर पार्टी के आला नेता खुश हो जाते तो मजा आ जाता। बस वे चुटकी बजाएँ, तो मुझको लाल बत्ती वाली कार मिल जाए। अर्दली और अंगरक्षक भी ससुरे सेवा करते रहें " कौन ठीक, प्रदेश सचिव बनने के बाद मिनिस्टरी न सही जल्दी, निगम की चेयरमैनी ही अपने तम्बू के नीचे आ जाए। तब भी तो लालबत्ती, बंगला, फोन बगैरह का बंदोबस्त पक्का समझो। खसोट लूँ सब रुपया। हड्पकर कंगाल कर दूँगा निगम। किसी दूसरे नेता को जाने का मन नहीं होगा फिर उस करर्सी भविष्य उज्ज्वल दिखाई दे रहा है। मगर यह सावित्री की बीमारी टपक पड़ी, वह भी ऐसे नाजुक वक्त में।
Q2.शेखर जोशी की कहानियाँ नई कहानी आन्दोलन को सशक्त बनाती हैं, इस कथन को सिद्ध कीजिए।
Q3.“हंसा जाई अकेला' कहानी की अन्तर्वस्तु का विश्लेषण कीजिए॥
Q4.“बहिर्गमन' कहानी का मंतव्य स्पष्ट कीजिए।
Q5.“हरी बिन्दी' कहानी की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
Q6.“सिलिया' कहानी दलित नारी चेतना की अभिव्यक्ति है, इस कथन के आलोक में कहानी पर विचार कीजिए।
Q7.निम्नलिखित विषयों Fa feet [...] (this portion is being re-verified) टिप्पणियाँ लिखिए : 2x5=10
(क) “राजा निरबंसिया' का जगपती
(ख) कहानीकार रघुवीर सहाय
(ग) फैंटेसी और मुक्तिबोध की कहानी
(घ) समकालीन कहानी