BHDC-105 · December 2025 · हिन्दी
IGNOU BHDC-105 December 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDC-105
Structured previous year question paper for BHDC-105, December 2025 session (Hindi medium).
Questions: 10
Verified: 10 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 6 BHDC-105
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2025
बी.एच.डी.सी.-105 : छायावादोत्तर हिन्दी कविता
समय :3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
नोट: कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न अनिवार्य है।
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) घन गरजे जन गरजे बन्दी सागर को लख कातर एक रोष से घन गरजे जन गरजे क्षत-विक्षत लख हिमगिरि अन्तर एक रोष से घन गरजे जन गरजे क्षिति की छाती को लख जर्जर एक शोध से घन गरजे जन गरजे देख नाश का ताण्डव बर्बर एक बोध से घन गरजे जन गरजे ।
(ख) यह जन है : गाता गीत जिन्हें फिर और कौन गाएगा ? पनडुब्बा : ये मोती सच्चे फिर कौन कृति लाएगा ? यह समिधा : ऐसी आग हठीला बिरला ही सुलगाएगा। यह अद्वितीय : यह मेरा : यह मैं स्वयं विसर्जित : यह द्वीप, अकेला, स्नेहभरा, है गर्वभरा मदमाता, पर इसको भी पंक्ति को दे दो।
(ग) जी, गीत जनम का लिखूँ, मरण का लिखूँ, जी, गीत जीत का लिखूँ, शरण का लिखूँ, यह गीत रेशमी है, यह खादी का, यह गीत पित्त का है, यह बादी का। कुछ और डिजायन भी हैं, यह इल्मी- यह लीजे चलती चीज नई फिल्मी।
(a) शक्ति अगर सीमित है, तो हर चीज अशक्त भी है, भुजाएँ अगर छोटी हैं, तो सागर भी सिमटा हुआ है, सामर्थ्य केवल इच्छा का दूसरा नाम है, जीवन और मृत्यु के बीच जो भूमि है वह नियति की नहीं मेरी है। (ड) तुमने कभी देखा है खाली कटोरों में वसंत का उतरना ! यह शहर इसी तरह खुलता है इसी तरह भरता और खाली होता है यह शहर इसी तरह रोज-रोज एक अनंत शव अंधेरी गली से चमकती हुई गंगा की तरफ।
Q2.नयी कविता के विकास को रेखांकित करते हुए उसके शिल्पविधान पर प्रकाश डालिए।
Q3.समकालीन कविता के स्वरूप का विवेचन कीजिए।
Q4.एक कवि के रूप में केदानाथ अग्रवाल का मूल्यांकन
Q5.माखनलाल चतुर्वेदी की पत्रकारिता पर प्रकाश डालते हुए उनकी कविताओं में निहित राष्ट्रीय चेतना को उद्घाटित
Q6.भवानीप्रसाद मिश्र के काव्य-शिल्प का विवेचन
Q7.रघुवीर सहाय की स्त्री-दृष्टि पर प्रकाश डालिए।
Q8.सर्वेश्वरदयाल सक्सेना के अभिव्यंजना शिल्प को रेखांकित
Q9.एक कवि के रूप में केदारनाथ सिंह का मूल्यांकन
Q10.पठित कविताओं के आधार पर नागार्जुन के कवि व्यक्तित्व का विवेचन कीजिए।