MGPE-008 · December 2014 · हिन्दी
IGNOU MGPE-008 December 2014 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
Gandhian Approach to Peace and Conflict Resolution
Structured previous year question paper for MGPE-008, December 2014 session (Hindi medium).
Max marks: 50 · Questions: 10 · Sections: 1
Verified: 19 Jul 2026
| एम.जी.पी.ई.-008 |
एम.ए. ( गांधी और शांति अध्ययन )
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2014
एम.जी.पी.ई.-008 : शांति और द्वंद्व समाधान की गांधीवादी
दृष्टिकोण
समय :2 घण्टे अधिकतम अंक : 50
नोट: कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए, प्रत्येक भाग से कम-से-कम दो
प्रश्नों को चुनिए। प्रत्येक ग्रश्त का उत्तः लगभग 500 शब्दों में
दीजिए सभीय्शशों केअकसमानहैं।
भाग - 1
Q1.समुदाय संघर्ष पर गांधी के विचार और उनको समुदाय शांति की दृष्टि का वर्णन कीजिए।
Q2.विश्व संघ और एक शांति पूर्ण विश्व पर गाँधी के विचारों को संक्षेप में रूपरेखा दीजिए।
Q3.संघर्ष मानव के अन्तर में नहीं होता है, यह व्यक्ति के बाहरी कारकों पर निर्भर अभिव्यक्ति है। स्पष्ट कीौजिए।
Q4.समझौता और मध्यस्था के पश्चिमी दृष्टिकोणों का वर्णन कौजिए |
Q5.यह कहा जाता है कि गाँधी का संघर्ष समाधान का दृष्टिकोण सत्याग्रह है। इसके सिद्धांत और प्रक्रियाओं को स्पष्ट कीजिए |
Q6.महिला स्व-रोज़गार एसोसिएशन (सेवा) पर टिप्पणी लिखिए।
Q7.गांधी द्वारा परिभाषित अनशन के अर्थ और उद्देश्य स्पष्ट कीजिए और यह किस प्रकार से संघर्ष समाधान के लिए एक रणनीति के रूप में अपनाया जाता है?
Q8.कश्मीर में और उत्तर-पूर्व में संघर्षों का तुलनात्मक मूल्यांकन कोजिए और इंगित कौजिए कि कहाँ पर गांधीवादी दृष्टिकोण से समाधान किया जा सकता है।
Q9.श्रीलंका में 'नृजातीय' संघर्ष में भारत की संबद्धता के पीछे प्रासंगिकता को स्पष्ट कीजिए। इसके गुण-दोष और सीमाओं पर प्रकाश डालिए।
Q10.भूटान, म्यांमार और तिब्बत में राष्ट्र-निर्माण की आपके विचार में प्रमुख चुनौतियाँ क्या हैं ? स्पष्ट कीजिए।