BCOC-133 · June 2025 · हिन्दी

IGNOU BCOC-133 June 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

Business Law

Structured previous year question paper for BCOC-133, June 2025 session (Hindi medium).

Max marks: 100 · Questions: 9

Verified: 29 Jul 2026

वाणिज्य में स्नातक उपाधि (जनरल)

सत्रांत परीक्षा

जून, 2025

बी.सी.ओ.सी.-133 : व्यापारिक सन्नियम

समय :3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100

ae:

(i) किन्‍्हीं पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

(४) सभी प्रश्नों के अंक सामन हैं।

Q1.(क) स्वीकृति क्‍या है ? किसी प्रस्ताव को कैसे स्वीकृत किया जा सकता है ? कौन प्रस्ताव को स्वीकार कर सकता है ? 4+4+4

(ख) “सभी अनुबंध करार होते हैं, परन्तु सभी करार अनुबंध नहीं होते हैं।” क्या आप इससे सहमत हैं ? अपने उत्तर की व्याख्या कीजिए।

Q2.(क) किन व्यक्तियों को एक अस्वस्थ मस्तिष्क के व्यक्ति की तरह माना जाता है ? ऐसे व्यक्ति की किसी अनुबंध में विधिक स्थिति को स्पष्ट कीजिए।.._ 5+7

(ख) अनुचित प्रभाव से आप कया समझते हैं ?

Q3.(क) संयोगिक अनुबन्ध क्‍या हैं ? संयोगिक अनुबन्ध के प्रवर्तनीय हेतु नियमों की व्याख्या कीजिए। 5+5

(ख) निष्पादन की असम्भवता के कारण अनुबन्ध के समापन की व्याख्या कीजिए।

Q4.(क) एजेन्सी अनुबन्ध को समाप्त करने के विभिन्‍न तरीकों को बताइए। 10

(ख) निम्नलिखित के अधिकारों व कर्त्तव्यों को स्पष्ट कीजिए : 5+5

(6) प्रवेश लेने वाले साझेदार

(0) बाहर जाने वाले साझेदार

Q5.(क) विक्रय अनुबंध में माल का क्‍या अर्थ है ? इसके विभिन्‍न प्रकारों को बताइये। 10

(ख) एक अदत्त विक्रेता कौन है ? उसके अधिकारों को स्पष्ट कीजिए।

Q6.(क) निक्षेपप्हीता के अधिकार एवं. कर्त्तव्यों को विस्तारपूर्वक समझाइए। 6+6

(ख) विभिनन प्रकार की क्षति हेतु क्या नियम हैं ?

Q7.(क) धारक एवं यथाविधिधारक में अन्तर बताइए। यथाविधिधाक को कौन-से विशेषाधिकार प्राप्त हैं ? 10+5

(ख) एजेण्ट द्वारा अधिकारों के प्रत्यायोजन को समझाइए।

Q8.(क) कपट को परिभाषित कीजिए एवं अनुबन्ध की वैधता में उसके प्रभाव को स्पष्ट कीजिए। 15

(ख) एक पर्दानशीन औरत के साथ अनुबन्ध करने पर उस अनुबन्ध की स्थिति कया होती है ?

Q9.निम्नलिखित में से किन्हीं चार पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए : 4x5=20

(क) व्यर्थ एवं व्यर्थनीय अनुबन्ध में अन्तर

(ख) शर्तों के प्रकार

(ग) बलप्रयोग एवं अनुचित प्रभाव में अन्तर

(घ) अनुबन्ध भंग (ड) चैक एवं विनिमय बिल में अन्तर

(च) प्रतिप्रस्ताव