BSKC-111 · June 2025 · हिन्दी
IGNOU BSKC-111 June 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BSKC-111
Structured previous year question paper for BSKC-111, June 2025 session (Hindi medium).
Questions: 5 · Sections: 4
Verified: 24 Aug 2026
बी. ए. (ऑनर्स) (संस्कृत) (बी. ए. एस. के. एच.)
सत्रांत परीक्षा
जून, 2025
बी.एस.के.सी.-111 : वैदिक साहित्य
समय : 3 घण्टे अधिकतम अंक : 100
खण्डों में दिए गए निर्देशानुसार ही प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
खण्ड-क
(व्याख्या आधारित प्रश्न)
Q1.निम्नलिखित में से किन्हीं दो मंत्रों की व्याख्या कीजिए :
(6) अग्निमीडे पुरो5हित॑ यज्ञस्य देवमृत्विजम्। होतारं रत्नधातमम्।।
(1) हिरण्यगर्भ: समवर्तताग्रे भूतस्य जात: पतिरेक आसीत्। स दाधार पृथिर्वी द्यामुतेमां कस्मै देवाय हविषा विधेम्।।
(1) अभ्षर्मा दीव्य: कृषिमित्कृषस्व वित्ते रमस्व बहु मन्यमान:। तत्र गाव: कितव तत्र जाया तन्मे विचष्टे सवितायमर्य:।। (9५) सत्य॑ बृहदृतमुग्रं दीक्षा तपो ब्रह्मयज्ञ: पृथिवीं धारयन्ति। सा नो भूतस्य भव्यस्य पत्युरु लोक॑ पृथिवी न: कृणोतु।।
Q2.निम्नलिखित में से किन्हीं दो की व्याख्या कीजिए : @ यथोर्णनाभि: सृजते गृह्ते च यथा पृथिव्यामोषधय: सम्भवन्ति। यथा सत: पुरुषात् केशलोमानि तथाऊक्षरात् संभवतीह विश्वमू।। (४) प्लवा होते अदृढा यज्ञरूपा अष्टादशोक्तभवरं येषु कर्म । एतच्छेयो येडभिनन्दन्ति मूढा जरामृत्युं ते पुनरेवापि यन्ति।।
(1) अविद्यायामन्तरे वर्तमाना: स्वयं धीरा: पण्डितं मन्यमाना:। जड्घन्यमाना: परियन्ति मूढा अन्धेनैव नीयमाना यथान्धा:।। (४५) द्वा सुपर्णा सयुजा सखाया समान॑ वृक्ष परिषस्वजाते। तपोरन्य: चिप्पल स्वाद्वत््यनश्नन््नन्न्यो अभिचाकशीति।।
खण्ड-ख
(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)
Q3.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए : 2x20=40
Q4.ऋग्वेद के उषा सूक्त का वर्णन करते हुए उषा के प्रतीकात्मक महत्व को स्पष्ट कीजिए । अथवा अक्ष सूकत के नैतिक और दार्शनिक पक्षों का विवेचन कीजिए। (४) मुण्डकोपनिषद् के तत्त्वज्ञान का वर्णन कीजिए। अथवा मुण्डकोपनिषद् के शिक्षण का वर्तमान समय में महत्व और प्रासंगिकता पर विचार कीजिए।
खण्ड-ग
(लघु उत्तरीय प्रश्न)
Q5.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :
(6) स्वरों का वेदार्थ में महत्व (४) बैदिक क्त्वार्थक प्रत्यय
(1) वैदिक शब्द रूप (४) प्रश्न संख्या 1 में दिए गए मंत्रों में से किसी एक मंत्र का पद-पाठ कीजिए।