BSKC-106 · June 2025 · हिन्दी
IGNOU BSKC-106 June 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BSKC-106
Structured previous year question paper for BSKC-106, June 2025 session (Hindi medium).
Questions: 8
Verified: 24 Aug 2026
मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 3 BSKC-106
बी. ए. (ऑनर्स) संस्कृत
सत्रांत परीक्षा
जून, 2025
बी.एस.के.सी.-106 : काव्यशास्त्र और साहित्यिक
आलोचना
समय :3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100
नोट:
(i) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
(४) प्रत्येक प्रश्त के अंक उनके सामने अंकित हैं।
Q1.भरत के रससूत्र का विशद् विवेचन कीजिए। 20 काव्य के उद्भव और विकास को समझाइए।
Q2.मम्मट के अनुसार अभिधा शब्द-शक्ति का विवेचन कीजिए। नाटक का लक्षण लिखकर उसके प्रकारों को बताइए।
Q3.गद्य काव्यों का विवेचन कीजिए। 10 मम्मट के काव्य-प्रयोजन का विवेचन कीजिए।
Q4.उत्पत्तिवाद का विवेचन कीजिए। 10 रस की अलौकिकता पर एक निबन्ध लिखिए।
Q5.भ्रान्तिमान अथवा अपहुति का लक्षण बताते हुए उदाहरण से स्पष्ट कीजिए।
Q6.निम्नलिखित श्लोक में से कौन-सा अलंकार है ? लक्षण को बताते हुए स्पष्ट कजिए ; 10 कुर्वन्ति यूनां सहसा यथैता: स्वन्तानि शान्तापरचिन्तनानि॥ कपाले मार्जार: पय इति करान् लेढि शशिन: तरुच्छिद्रप्रोतानू विसमिति करी सड्डूलयति। रतान्ते तल्पस्थान हरित वनिताउत्यंशुकमिति प्रभामत्तश्चन्द्रो जगदिदमहो विप्लवयति॥
Q7.इन्द्रवज़ा अथवा शिखरिणी छन्द का लक्षण देते हुए उसके उदाहरण श्लोक को लिखकर उसका स्पष्टीकरण लिखिए।10
Q8.निम्नलिखित श्लोक में कौन-सा छन्द है ? उसका लक्षण बताते हुए स्पष्टीकरण दीजिए : 10 आ परितोषद्विदुषां न साधु मन्ये प्रयोग विज्ञानम्। बलवदपि शिक्षितानामात्मन्यप्रत्यय॑ चेत:॥ अभिमुखे मयि संहतमीक्षित हसित मन्यनिमित्तकृतोदयम्। विनयवारित वृत्तिरतस्तया न विवृतो मदनो न च संवृत:॥