BSKC-106 · December 2024 · हिन्दी

IGNOU BSKC-106 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BSKC-106

Structured previous year question paper for BSKC-106, December 2024 session (Hindi medium).

Questions: 8

Verified: 24 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 3 BSKC-106

बी. ए. ( ऑनर्स ) संस्कृत ( बी.ए.एस.के.एच. )

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर , 2024

बी.एस.के.सी.-106 : काव्यशास्त्र और

साहित्यिक आलोचना

समय / 3 घण्टे अधिकवम अक : 100

नोट : 6) सभी प्रश्न अनिवार्य हैं

(0) प्रत्येक प्रश्ग को अंक उसको समक्ष आंकित है।

Q1.संस्कृत काव्यशास्त्र की उत्पत्ति एवं विकासयात्रा को समझाइए। 20 संस्कृत काव्यशास्त्र के प्रमुख आचार्यों का वर्णन

Q2.अभिधा शब्द-शक्ति का विशद्‌ विवेचन कीजिए। 20 मम्मट के काव्य-लक्षण की व्याख्या IAAT

Q3.काव्यहेतु का विवेचन कीजिए। 10 महाकाव्य का लक्षण बताइए।

Q4.भरत के रससूत्र का विवेचन कीजिए। 10 काव्य के प्रयोजन का वर्णन कीजिए।

Q5.अनुप्रास अथवा श्लेष का लक्षण बताते हुए उदाहरण को स्पष्ट कीजिए।

Q6.निम्नलिखित श्लोक में कौन-सा अलंकार है ? लक्षण को बताते हुए स्पष्ट कीजिए : 10 अयं मार्तण्ड: कि ? स खलु तुरगै: सप्तभिरितः कृतान्त: कि साक्षान्महिषवहनो5साविति चिरं समालोक्याजौ त्वां विद्धति विकल्पान्‌ प्रतिभटा:॥ कपाले माजिर: पय इति करान्‌ ate wie: तरुच्छिद्रप्रोतानू विसमितिकरी सडकलयति। रतान्ते तल्पस्थान्‌ हरति वनिता>त्यंशुकमिति प्रभामत्तश्चन्द्रो जगदिद्महो विप्लवयति॥

Q7.अनुष्टुप्‌ अथवा मन्दाकान्ता छनन्‍्द का लक्षण देते हुए उसके उदाहरण श्लोक को लिखकर उसका स्पष्टीकरण लिखिए।

Q8.निम्नलिखित श्लोक में कौन-सा छन्द है ? उसका लक्षण बताते हुए स्पष्टीकरण दीजिए : 10 अर्थो हि कन्या परकीय एव तामद्य संप्रेष्य परिग्रहीत:। जातो ममाय॑ं विशद॒: प्रकामम्‌ प्रत्यर्पितन्‍्यास इवान्तरात्मा॥ अस्त्युत्तरस्यां दिशि देवतात्मा हिमालयो नाम नगाधिराज:। पूर्वापरौ तोयनिधी वगाह्यः स्थित: पृथिव्या इव मानदण्ड:॥