BPYC-132 · December 2024 · हिन्दी

IGNOU BPYC-132 December 2024 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

ETHICS

Structured previous year question paper for BPYC-132, December 2024 session (Hindi medium).

Max marks: 100 · Questions: 5

Verified: 24 Aug 2026

बी. ए. ( सामान्य ) दर्शनशास्त्र

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2024

बी.पी.वाई.सी.-182 : नीतिशास्त्र

समय : 3 घण्टे अधिकवम अक : 100

नोट : सभी य्राँच प्रश्नों को उत्तर दीजिए। सभी प्रश्नों को

अक समान हैं! प्रश्न सख्या # और 2 में प्रत्येक का

उत्तर लगभग 400-400 शब्दों में दीजिए।

Q1.जे. एस. मिल के उपयोगितावाद की आलोचनात्मक मूल्यांकन सहित व्याख्या कीजिए। 20 अधिनीतिशास्त्र पर निबन्ध लिखिए।

Q2.नैतिक कृत्य क्‍या है ? हिन्दू, जैन, बौद्ध, इस्लाम और ईसाई धर्म के नैतिक कृत्य सम्बन्धी धार्मिक दृष्टिकोणों की चर्चा कीजिए। 20 कर्तव्यपरक सिद्धान्त की प्रकृति की व्याख्या कीजिए और इसका आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

Q3.निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 200-200 शब्दों में दीजिए : प्रत्येक 10

(क) Fa नीतिशास्त्र पर निबन्ध लिखिए।

(ख) नैतिक सापेक्षतावाद की बढ़ती हुई लोकप्रियता के कारणों की चर्चा कीजिए।

(ग) नीतिशास्त्रीय प्रकृतिवाद की चर्चा कीजिए।

(घ) नीतिशास्त्रीय आत्मनिष्ठतावाद का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

Q4.निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लगभग 150-150 शब्दों में दीजिए : प्रत्येक 5

(क) नैतिकता में मानवीय गरिमा की क्‍या भूमिका है ?

(ख) नैतिक दर्शन में संवेगवाद का क्‍या महत्व है ?

(1) निरपेक्ष और सापेक्ष आदेश के मध्य अन्तर की व्याख्या कीजिए।

(घ) नैतिक वस्तुवाद क्‍या हे ? (ड) प्लेटो के चार प्रधान सद्‌गुणों की चर्चा कीजिए।

(च) आर. एम. हेयर के परामर्शवाद का संक्षिप्त उल्लेख कीजिए।

Q5.निम्नलिखित में से किन्हीं पाँच पर लगभग 100-100 शब्दों में संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए : प्रत्येक 4

(क) कृत्य और नियम उपयोगितावाद

(ख) सुकरात का सद्गुण सम्बन्धी मत

(ग) ईसाई धर्म के अनुसार अवगुण

(घ) नीतिशास्त्रीय असंज्ञानवाद (ड) परम सुख

(च) इस्लाम धर्म के अनुसार BET

(छ) प्रकृतिवादी दोष (ज) अन्तश्रज्ञावाद