BHDC-132 · December 2020 · हिन्दी

IGNOU BHDC-132 December 2020 Previous Year Question Paper (हिन्दी)

BHDC-132

Structured previous year question paper for BHDC-132, December 2020 session (Hindi medium).

Questions: 8

Verified: 10 Aug 2026

मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 2 BHDC-132

स्नातक उपाधि कार्यक्रम ( सी. बी. सी. एस. )

सत्रांत परीक्षा

दिसम्बर, 2020

बी.एच.डी.सी.-182 : मध्यकालीन हिन्दी कविता

समय : 3 घण्टे अधिकवम अक / 100

“We: van ग्रन अनिवार्य है। शेष में से किन्हीं चार

अरशनों को उत्तर वीजिए।

Q1.निम्नलिखित पद्यांशों में से किसी एक की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : 20

(क) हरि सा हीरा छाँडि कै, करे आन की आस। ते नर जमपुर जाहिंगे, सत भाषै रविदास॥

(ख) तनक हरि चितवाँ म्हारी ओर। हम चितवाँ ये चित वो णाहरि, हिवणो बड़ो कठोर। म्हारी आसा चितवनि थारी, और णा दूजा दोर। ऊभ्यां ठाड़ी अरज करूँ घूँ, करतां करतां भोर। मीरा रे प्रभु हरि अविनासी, देस्यू प्राण अंकोर॥

(1) जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हे मैं नाहिं। सब अंधियारा मिटि गया, जब दीपक देखा माँहि॥

Q2.सगुण भक्तिकाव्य की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।

Q3.रीतिकाव्य की साहित्यिक प्रवृत्तियों का परिचय दीजिए।

Q4.कबीर का जीवन परिचय देते हुए उनकी रचनाओं पर प्रकाश डालिए।

Q5.जायसी के काव्य-सौन्दर्य का विवेचन कीजिए।

Q6.तुलसीदास के काव्य के भावपक्ष पर सोदाहरण प्रकाश डालिए।

Q7.घनानंद की कविता के शिल्पपक्ष का विवेचन कीजिए।

Q8.निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर टिप्पणियाँ लिखिए :

(क) कृष्णभक्ति शाखा

(ख) भक्ति आन्दोलन और रविदास

(ग) सूरदास की काव्य-भाषा

(घ) नीतिकाव्य परंपरा