BHDE-142 · June 2025 · हिन्दी
IGNOU BHDE-142 June 2025 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
BHDE-142
Structured previous year question paper for BHDE-142, June 2025 session (Hindi medium).
Questions: 9
Verified: 10 Aug 2026
स्नातक उपाधि कार्यक्रम (सामान्य/ऑनर्स) हिन्दी
सत्रांत परीक्षा
जून, 2025
बी.एच.डी.ई.-142 : राष्ट्रीय काव्यधारा
समय :3 घण्टे अधिकतम अंक ; 100
नोट : कुल पाँच प्रश्नों के उत्तर दीजिए। पहला प्रश्न अनिवार्य है।
Q1.निम्नलिखित काव्यांशों में से किन्हीं तीन की संदर्भ सहित व्याख्या कीजिए : 3x12=36
(क) वर्णन उन्होंने जिस विषय का है किया, पूरा किया, मानो प्रकृति ने ही स्वयं साहित्य उनका रच दिया। चाहे समय की गति कभी अनुकूल उनके हो नहीं, हैं किन्तु निश्वल एक-से सिद्धान्त उनके सब कहीं।
(ख) उषा महावर तुझे लगाती, संध्या शोभा वारे रानी रजनी पल-पल दीपक से आरती उतारे, सिर बोकर, सिर ऊँचा कर-कर, सिर हथेलियों लेकर गान और बलिदान किए मानव-अर्चना संजोकर, भवन-भवन तेरा मंदिर है स्वर है श्रम की वाणी राज रही है कालरात्रि को उज्ज्वल कर BATT |
(ग) किसका साहस है कि रख सके तुमको यों चिर बंधन में ? स्वयं मुक्ति ही नाच रही है सदा तुम्हारे स्पंदन में ! तुममें विप्लव अन्तर्हित है, जैसे ज्वाला चंदन में ।
(घ) पीकर जिनकी लाल शिखाएँ 'उगल रहीं सौ लपट दिशाएँ, जिनके सिंहनाद से सहमी धरती रही अभी तक डोल कलम, आज उनकी जय बोल। (डर) रण-बीच चौकड़ी भर-भरकर, चेतक बन गया निराला था। राणा प्रताप के घोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।। गिरता न कभी चेतक-तन पर, राणा प्रताप का कोड़ा था। वह दौड़ रहा अरि-मस्तक पर या आसमान पर घोड़ा था।
Q2.भारतीय नवजागरण पर प्रकाश डालिए।
Q3.आधुनिक भारतीय साहित्य के उदय और विकास को रेखांकित कीजिए।
Q4.राष्ट्रीय मुक्ति चेतना की अभिव्यक्ति भारतीय भाषाओं की कविताओं में किस प्रकार हुई है ? सोदाहरण उत्तर दीजिए।
Q5.“हिन्दी की कविताओं में प्रकृति प्रेम के माध्यम से भी राष्ट्रीय की अभिव्यक्ति हुई है।” इस कथन की समीक्षा कीजिए।
Q6.मैथिलीशरण गुप्त की काव्य-भाषा पर प्रकाश डालिए।
Q7.राष्ट्रीय चेतना के एक प्रखर कवि के रूप में माखनलाल चतुर्वेदी के महत्व को रेखांकित कीजिए।
Q8.सुभद्राकुमारी चौहान की भाषाशैली का विवेचन कीजिए।
Q9.श्यामनारायण पाण्डेय की राष्ट्रीय-सांस्कृतिक चेतना को स्पष्ट कीजिए।