MPSE-003 · December 2015 · हिन्दी
IGNOU MPSE-003 December 2015 Previous Year Question Paper (हिन्दी)
Western Political Thought
Structured previous year question paper for MPSE-003, December 2015 session (Hindi medium).
Max marks: 50 · Questions: 10 · Sections: 2
Verified: 19 Jul 2026
स्नातकोत्तर उपाधि कार्यक्रम
ह (राजनीति शास्त्र)
सत्रांत परीक्षा
दिसम्बर, 2015
एम.पी.एस.ई.-008 : पश्चिमी राजनीतिक चिन्तन
(प्लेटो से मार्क्स तक)
समय : 2 घण्टे अधिकवम अंक : 50
नोट ; कुल are weal & sat Aire, weds खण्ड में से कम-से-कम
दो अशन चुनते हुए । अत्येक अर का उत्तर लग्भय 400 रब्दों में
दीजिए ।/ सभी weal & sien समान हैं /
खण्ड 1
Q1.“पश्चिमी राजनीतिक चिन्तन का सम्बन्ध मुख्यतः राजनीतिक संस्थाओं और सम्बन्धित प्रणालियों (procedures) a है 1” टिप्पणी कीजिए |
Q2.प्लेटो के न्याय के सिद्धांत की व्याख्या और मूल्यांकन कीजिए ।
Q3.संत ऑगस्टीन के सिद्धांत ने आगे आने वाले दौरों (७8०४) की कैसे सहायता की कि वे चर्च, एक उत्तम समाज के रूप में, का सिद्धांत (१०८०४०४०) विकसित करें ? व्याख्या कीजिए |
Q4.संप्रभु (5०ए७/थंड7) के अधिकारों और दायित्वों पर थॉमस हॉब्स के विचारों का विश्लेषण कीजिए ।
Q5.यह किस सीमा तक कहना उचित होगा कि रूसो का संप्रभु (Sovereign) हॉब्स का लेवायथन (,€शंक्षक्रव)) है जिसका सर काट दिया गया है ? विस्तार से बताइए ।
खण्ड वा
Q6.जेरेमी बैंथम द्वारा प्रतिपादित उपयोगिताबांदी सिद्धांतों का विश्लेषण कीजिए ।
Q7.एलेक्सिस डी टॉकविले के अनुसार राजनीति में धर्म क्या भूमिका निभाता है ? चर्चा कीजिए ।
Q8.जे.एस. मिल ने महिलाओं के लिए समान अधिकारों को कैसे न््यायोचित ठहराया ? विस्तार से बताइए ।
Q9.हेगेल द्वारा प्रतिपादित आदर्शवाद और राज्य के सिद्धांत पर एक लेख लिखिए ।
Q10.वर्ग संघर्ष के कार्ल मार्क्स के सिद्धांत का आलोचनात्मक मूल्यांकन कीजिए ।